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21 Apr 2026, Tue

मुख्यमंत्री डॉ. यादव दमोह जिले के नोहटा में आयोजित नोहलेश्वर महोत्सव में होंगे शामिल

नोहलेश्वर महोत्सव से निखरेगी बुंदेलखण्ड की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान
बागेश्वर धाम के कार्यक्रम में होंगे शामिल

भोपाल : गुरूवार, फरवरी 12, 2026,

नोहटा स्थित ऐतिहासिक नोहलेश्वर मंदिर परिसर में आयोजित दस दिवसीय नोहलेश्वर महोत्सव में शामिल होंगे। यह आयोजन संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी के मार्गदर्शन में चल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को ही छतरपुर जिले के बागेश्वर धाम में महाशिव रात्रि के उपलक्ष्य में आयोजित गरीब परिवारों की कन्याओं के सामुहिक विवाह समारोह में भी शामिल होंगे।

नोहलेश्वर मंदिर का ऐतिहासिक महत्व

नोहटा में स्थित नोहलेश्वर महादेव मंदिर का इतिहास अत्यंत प्राचीन और गौरवशाली रहा है। यह मंदिर कलचुरी कालीन स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है। कहा जाता है कि इस भव्य मंदिर का निर्माण 10वीं–11वीं शताब्दी के दौरान हुआ था। मंदिर की शिल्पकला, अलंकृत स्तंभ, विशाल गर्भगृह एवं कलात्मक नक्काशी आज भी दर्शकों को उस युग की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराती है।

पुरातत्वविदों के अनुसार नोहलेश्वर मंदिर मध्य भारत के प्रमुख शिव मंदिरों में से एक है, जहां प्राचीन काल से ही श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना करते आ रहे हैं। यह स्थल धार्मिक आस्था के साथ ऐतिहासिक और पर्यटन की दृष्टि से भी विशेष महत्व रखता है।

महोत्सव की विशेषताएं

महोत्सव के दौरान देशभर के ख्यातिप्राप्त कलाकारों के साथ स्थानीय कलाकार भी अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समा बॉध रहे है। साथ ही, धार्मिक, सांस्कृतिक संध्याएं, कार्यशालाएं, महिला सम्मेलन, किसान गोष्ठी और पर्यटन गतिविधियों के माध्यम से क्षेत्र की समृद्ध विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। महोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों में खासा उत्साह है।

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