उज्जैन, 09 जुलाई। जनपद पंचायत बड़नगर अंतर्गत ग्राम पंचायत मनियावदा के ग्राम सूराखेड़ी में वर्षों पुराने तालाब के गहरीकरण का कार्य जनभागीदारी के माध्यम से सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस कार्य से गांव के किसानों, पशुपालकों और ग्रामीणों को जल संकट से मुक्ति मिलने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिली है।ग्राम पंचायत मनियावदा के तालाब में लंबे समय से मिट्टी जमा होने के कारण जलधारण क्षमता काफी कम हो गई थी। ग्रीष्मकाल में पानी की कमी से पशुओं और किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस समस्या के समाधान के लिए ग्रामीणों, सरपंच और सचिव ने मिलकर जनभागीदारी का रास्ता चुना। बिना किसी सरकारी खर्च के पूरे कार्य को समुदाय के सहयोग से पूरा किया गया।900 घनमीटर मिट्टी निकालकर तालाब की जलधारण क्षमता को 8500 घनमीटर तक बढ़ाया गया। वर्षा के पानी के साथ-साथ नर्मदा पाइपलाइन को तालाब से जोड़कर ग्रामीणों एवं आसपास के किसानों को पर्याप्त सिंचाई जल उपलब्ध कराया गया। इस कार्य से जलधारण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, किसानों को सिंचाई हेतु विश्वसनीय जल उपलब्धता सुनिश्चित हुई है, भूजल स्तर में सुधार हुआ है तथा ग्रामीण एकता एवं पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा मिली है।इस सफल मॉडल ने साबित कर दिया कि सामुदायिक प्रयास और जनभागीदारी से बिना सरकारी खर्च के भी विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सकता है। ग्रामीणों द्वारा स्व-सहायता से किए गए इस कार्य ने पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
जन भागीदारी से तालाब का गहरीकरण कार्य किया गया पर्यावरण एवं जल संरक्षण की दिशा में सराहनीय कदम
