भोपाल, 21 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन लोकतांत्रिक मूल्यों, राष्ट्रसेवा और राजनीतिक मर्यादाओं के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि अटल जी ने भारतीय राजनीति को विकास, सुशासन और लोकतांत्रिक संवाद की नई दिशा दिखाई। उनके विचार और आदर्श आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरणा देते रहेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को भोपाल के गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक निजी प्रतिष्ठान परिसर में भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने निजी प्रतिष्ठान के मोनो का भी लोकार्पण किया।
अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन लोकतांत्रिक मूल्यों की प्रेरणा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन देशसेवा और जनसेवा को समर्पित रहा। उनके व्यक्तित्व में राजनीतिक शुचिता, विचारों में दृढ़ता और व्यवहार में सौम्यता का अद्भुत संगम दिखाई देता था।
उन्होंने कहा कि अटल जी ने सत्ता और विपक्ष, दोनों भूमिकाओं में लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उदाहरण प्रस्तुत किया। उनके राजनीतिक जीवन में यह संदेश प्रमुख रहा कि सरकारें और सत्ता बदल सकती हैं, लेकिन देश और लोकतंत्र की संस्थाओं की गरिमा बनी रहनी चाहिए।
भारत सरकार की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, वाजपेयी लंबे संसदीय जीवन वाले नेता थे और प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री तथा विपक्ष के नेता सहित कई महत्वपूर्ण भूमिकाओं में रहे। उनके सार्वजनिक जीवन को लोकतांत्रिक आदर्शों और उदार दृष्टिकोण से भी जोड़ा गया है।
राष्ट्रवाद और सुशासन को बताया अटल जी की बड़ी विरासत
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के राष्ट्रवाद और सुशासन के मॉडल को समझना और उनके आदर्शों को अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
उन्होंने कहा कि अटल जी का पूरा राजनीतिक जीवन राष्ट्रहित को केंद्र में रखकर आगे बढ़ा। उनके लिए देश सर्वोपरि रहा और उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद, सहमति तथा राजनीतिक मर्यादाओं को महत्व दिया।
अटल जी के कार्यकाल से जुड़ी स्वर्णिम चतुर्भुज योजना को भारत के सड़क और संपर्क ढांचे के महत्वपूर्ण प्रयासों में गिना जाता है। प्रधानमंत्री कार्यालय की आधिकारिक सामग्री में भी स्वर्णिम चतुर्भुज को अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के दौरान शुरू की गई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा पहल के रूप में दर्ज किया गया है।
सत्ता से बड़ा देश और लोकतंत्र का संदेश
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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अटल जी के संसदीय जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय लोकतंत्र की गरिमा को हमेशा महत्व दिया। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अटल जी के जीवन से यह सीखने की आवश्यकता है कि सत्ता में रहते हुए जिम्मेदारी और विपक्ष में रहते हुए लोकतांत्रिक मर्यादा का पालन किस प्रकार किया जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी का सार्वजनिक जीवन केवल राजनीति तक सीमित नहीं था। वे एक प्रभावशाली वक्ता, कवि, पत्रकार और लंबे समय तक सक्रिय सांसद रहे। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, वे लोकसभा के लिए नौ बार और राज्यसभा के लिए दो बार निर्वाचित हुए थे।
आपातकाल और लोकतंत्र के प्रति प्रतिबद्धता का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने आपातकाल के दौर में लोकतांत्रिक अधिकारों और व्यवस्था के लिए संघर्ष किया। उन्होंने लगभग 19 महीने जेल में बिताए थे।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि देश के सामने जब राष्ट्रीय महत्व की परिस्थितियां आईं, तब अटल जी ने राजनीतिक दलों की सीमाओं से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को महत्व दिया। इसी संदर्भ में उन्होंने बांग्लादेश युद्ध के समय तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और सरकार के समर्थन का उल्लेख किया।
अटल जी की प्रतिमा को बताया प्रेरणा का केंद्र
कार्यक्रम में पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के लिए राष्ट्र हमेशा सर्वोपरि रहा। उन्होंने कहा कि अटल जी की प्रतिमा का अनावरण केवल एक प्रतिमा का अनावरण नहीं, बल्कि उनके विचारों और राष्ट्रसेवा की भावना को याद करने का अवसर है।
सोलंकी ने अटल जी की विकास योजनाओं का उल्लेख करते हुए स्वर्णिम चतुर्भुज राजमार्ग योजना और गांवों को सड़क संपर्क से जोड़ने की पहल को याद किया। उन्होंने कहा कि अटल जी ने देश के विकास और कनेक्टिविटी को लेकर दूरदर्शी सोच प्रस्तुत की थी।
नई पीढ़ी के लिए अटल जी के विचार क्यों महत्वपूर्ण? अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन
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अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। वे लंबे समय तक संसद में सक्रिय रहे और प्रधानमंत्री तथा विपक्ष के नेता सहित अलग-अलग संवैधानिक एवं राजनीतिक भूमिकाओं में रहे। प्रधानमंत्री कार्यालय भी उनके व्यक्तित्व को लोकतांत्रिक आदर्शों के प्रति प्रतिबद्ध नेता के रूप में वर्णित करता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अनुसार, आज की पीढ़ी के लिए अटल जी के जीवन से राजनीति में शुचिता, लोकतांत्रिक मर्यादा, राष्ट्रहित और सुशासन जैसे मूल्यों की सीख लेना महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी के अध्यक्ष अशोक कड़ेल, पूर्व विधायक शिशुपाल सिंह यादव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम आयुक्त कुमार पुरुषोत्तम, निजी प्रतिष्ठान के अजय कुमार सोनी सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के दौरान निजी प्रतिष्ठान परिसर में स्थापित डिजिटल प्रिंटिंग मशीनों का अवलोकन भी किया।

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