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22 Jul 2026, Wed

नव्य, दिव्य और भव्य सिंहस्थ 2028 की तैयारियां तेज: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया—विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन बनेगा उज्जैन का सिंहस्थ

भोपाल/उज्जैन, 27 जून 2026
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आगामी सिंहस्थ 2028 को नव्य, दिव्य और भव्य स्वरूप में आयोजित करने के लिए तैयारियां तेजी से चल रही हैं। उन्होंने इसे न केवल भारत बल्कि विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक मेला बताया।

उज्जैन में आयोजित “सिंहस्थ-2016 के अनुभव, 2028 का संकल्प” विषयक वृहद प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन भारतीय संस्कृति, आस्था और आध्यात्मिक परंपराओं का महासंगम है, जहां स्नान से पापों के शमन की मान्यता है।

40 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन का अनुमान

मुख्यमंत्री ने बताया कि सिंहस्थ 2028 में लगभग 40 करोड़ श्रद्धालुओं के उज्जैन आने की संभावना है। उन्होंने कहा कि मां शिप्रा के घाटों पर 24 घंटे में करीब 4 करोड़ श्रद्धालु अमृत स्नान कर सकेंगे। आयोजन को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक स्तर पर योजनाएं तैयार की जा रही हैं।

यह आयोजन पवित्र शिप्रा नदी के तट पर होगा, जहां बड़े पैमाने पर घाटों और अधोसंरचना का विकास किया जा रहा है।

853 करोड़ से 22 नए पुल, 25 हजार करोड़ के विकास कार्य

मुख्यमंत्री ने बताया कि उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में लगभग 25 हजार करोड़ रुपये के विकास कार्य चल रहे हैं। भीड़ प्रबंधन और यातायात सुविधा के लिए 853.46 करोड़ रुपये की लागत से शिप्रा नदी पर 22 नए पुलों का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें 17 नदी पुल और 5 रेलवे ओवरब्रिज शामिल हैं।

इसके साथ ही डिजिटल कमांड सेंटर, सड़क चौड़ीकरण, रेलवे और हवाई संपर्क जैसे कार्यों को भी तेज किया जा रहा है।

सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी का विस्तार

मुख्यमंत्री ने बताया कि उज्जैन को बेहतर कनेक्टिविटी से जोड़ने के लिए कई परियोजनाएं चल रही हैं, जिनमें प्रमुख हैं:

  • उज्जैन-इंदौर 6 लेन मार्ग लगभग पूर्ण
  • उज्जैन-झालावाड़, उज्जैन-जावरा और अन्य हाईवे विकास
  • 236 स्पेशल ट्रेनों का संचालन
  • 7 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण

उन्होंने बताया कि उज्जैन-देवास रोड पर नया हवाई अड्डा और सदावल में 4 आधुनिक हेलीपैड भी विकसित किए जा रहे हैं।

स्वच्छ और सुरक्षित सिंहस्थ पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि “स्वच्छ सिंहस्थ, स्वस्थ सिंहस्थ” सरकार का संकल्प है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, आपातकालीन सेवाएं और स्वच्छता व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता में हैं। इसके लिए AI आधारित निगरानी और रियल टाइम कंट्रोल सिस्टम विकसित किया जा रहा है।

ऐतिहासिक विरासत और विकास का संगम

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिली है। उन्होंने उज्जैन को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र बताते हुए कहा कि यह नगरी आने वाले समय में नए वैभव के साथ विश्व मानचित्र पर और अधिक सशक्त रूप से उभरेगी।

कार्यशाला में आशीष सिंह, रोशन कुमार सिंह, राकेश गुप्ता सहित कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं सेवानिवृत्त अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यशाला का उद्देश्य सिंहस्थ 2016 के अनुभवों से सीख लेते हुए 2028 के आयोजन को और अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और भव्य बनाना बताया गया।

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