उज्जैन। अधिक माह; साल 2026 में पुरुषोत्तम मास यानी अधिक मास 17 मई 2026, रविवार से शुरू होकर 15 जून 2026, सोमवार तक रहेगा। इस बार यह ज्येष्ठ महीने में पड़ रहा है, जिस वजह से 2026 में ज्येष्ठ मास 2 महीने का हो जाएगा। 2026 क्यों है खास? हर 3 साल में एक बार अधिक मास आता है। इस बार 2026 में हिंदू पंचांग में 12 की जगह 13 महीने होंगे। इसी वजह से आगे के त्योहार भी खिसक जाएंगे – रक्षाबंधन 28 अगस्त और दीपावली 8 नवंबर को पड़ेगी।
पुरुषोत्तम मास क्यों कहते हैं? अधिक मास का कोई स्वामी नहीं था, तो भगवान विष्णु ने इसे अपनाया। विष्णु जी का एक नाम ‘पुरुषोत्तम’ है, इसलिए इस महीने को पुरुषोत्तम मास कहते हैं। यह महीना श्रीहरि विष्णु को समर्पित है। क्या करें, क्या न करेंजरूर करें – भगवान विष्णु की पूजा, जप-तप, भागवत कथा- दान-पुण्य, तीर्थ यात्रा, पवित्र नदियों में स्नान- मान्यता है कि इस महीने किए गए पुण्य का दोगुना फल मिलता है।
न करें – शादी, सगाई, गृहप्रवेश, मुंडन, जनेऊ जैसे शुभ-मांगलिक कार्य- नया घर, गाड़ी खरीदना या व्यापार शुरू करना- नया व्रत शुरू करना या उद्यापन करना- तामसिक भोजन और नशा वर्जित है।
क्यों आता है अधिक मास? – सौर वर्ष 365 दिन का और चंद्र वर्ष 354 दिन का होता है। हर साल 11 दिन का अंतर आता है। 3 साल में ये अंतर 1 महीने का हो जाता है। इसी को बैलेंस करने के लिए एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है। नोट: तिथियों में स्थानीय पंचांग के अनुसार हल्का अंतर हो सकता है, अपने क्षेत्र के पंचांग से पुष्टि कर लें।
