उज्जैन : सोमवार, अप्रैल 27, 2026

उज्जैन, 27 अप्रैल । उज्जैन जिले के बदनावर क्षेत्र के निवासी 28 वर्षीया युवा धापु (देवड़ा) को किडनी की गंभीर बीमारी से जूझते हुए सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं ने नई उम्मीद और स्वस्थ जीवन की राह दिखाई है।धापू (पिता श्री विष्णु देवड़ा) युवावस्था में ही किडनी खराब होने की समस्या से ग्रस्त थे। शरीर में सूजन, सामान्य कामकाज करने में असमर्थता और घरेलू कार्यों में भी दिक्कतें उनके रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रही थीं। प्राइवेट अस्पताल में जांच कराने पर डॉक्टरों ने किडनी फेलियर की पुष्टि की और तुरंत डायलेसिस शुरू करने की सलाह दी।परिवार के लिए यह बहुत बड़ी चुनौती थी। बार-बार इंदौर जाना, महंगें डायलेसिस का खर्च और आर्थिक बोझ पूरे परिवार को चिंतित कर रहा था।परिवार को सूचित किया गया कि उज्जैन जिले के सरकारी जिला अस्पताल में निःशुल्क डायलेसिस की सुविधा उपलब्ध है। धापू को तुरंत उज्जैन लाया गया। आयुष्मान भारत निरामय योजना के तहत उनका पंजीकरण किया गया। अब वे सप्ताह में दो बार सिविल अस्पताल माधवनगर, उज्जैन की डायलेसिस यूनिट में डॉ. अंकिता आग्नेय और प्रशिक्षित स्टाफ की निगरानी में नियमित निःशुल्क डायलेसिस करा रहे हैं।कुछ सत्रों के बाद धापू अब पहले से कहीं बेहतर महसूस कर रही हैं। शरीर की सूजन कम हुई है, ऊर्जा बढ़ी है और परिवार को भी राहत मिली है। अब उन्हें महंगें इलाज के लिए चिंता नहीं करनी पड़ रही है। पुरा परिवार इस सरकारी योजना का लाभ मिलने पर बेहद खुश और आभारी है।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार पटेल ने कहा “सरकार की योजनाओं का उद्देश्य यही है कि कोई भी व्यक्ति आर्थिक तंगी के कारण इलाज से वंचित न रहे। धापू जैसी सफलताएं हमें और बेहतर सेवाएं देने के लिए प्रेरित करती हैं।