
उज्जैन 28 मार्च। जिला क्षय अधिकारी ने बताया कि शनिवार को जिला स्तरीय टी. बी. मुक्त अभियान के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार पटेल की अध्यक्षता में स्थानीय कार्यालय बैठक आयोजित की गई।बैठक में अभियान के दिशा निर्देशानुमार शत प्रतिशत क्रियावन हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए। फूड बास्केट वितरण, टी. बी. स्क्रीनिंग, उपचार, रिपोर्ट लक्ष्य अनुसार किया जाने के लिए आवश्यक कार्रवाई किये जाने निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला टी. बी. नियंत्रण अधिकारी डॉ. अरुण कुमार कुशवाह, समस्त खंड चिकित्सा अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री मनीष, सहायक कार्यक्रम प्रबंधक श्री दिलीप वसुनिया, समस्त टी. बी. सुपरवाईजर, अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।उल्लेखनीय है कि टीबी मुक्त भारत की दिशा में 100 दिवसीय अभियान” का आयोजन किया जा रहा है।जिसका शुभारंभ विगत 24 मार्च को विश्व क्षय दिवस के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पटेल द्वारा बताया कि 100 दिवसीय अभियान का प्रमुख उद्देश्य उच्च जोखिम क्षेत्रों एवं संवेदनशील जनसंख्या में सक्रिय टीबी की पहचान, शीघ्र निदान, उपचार, पोषण सहायता तथा सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से टीवी के प्रसार को रोकना है। इस संबंध में निम्नानुमार गतिविधियां सम्पादित की जाएंगी।इनमें अभियान अंतर्गत जिलों में चिन्हित किए गए उच्च जोखिम गांवों में विशेष फोकस किया जाकर समस्त जनसंख्या की स्क्रीनिंग, शहरी क्षेत्रों में चिन्हित बाड़ों एवं सामूहिक स्थानों जैसे स्लम, निर्माण स्थल, बाजार, परिवहन केंद्र बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, औद्योगिक क्षेत्र, जेल, रेलवे यार्ड, आश्रय स्थलों पर टीबी स्क्रीनिंग, चिन्हित उच्च जोखिम गांवों में स्क्रीनिंग , आयुष्मान आरोग्य शिविरों के माध्यम से करना व आयुष्मान आरोग्य शिविरों में सभी लोगों की टीबी की पहचान के लिए एक्सरे के साथ एनीमिया हेतु Blood Pressure, की जांच, अभियान अंतर्गत शिविरों में एक्स-रे का समुचित उपयोग करते हुए जिले में उपलब्ध एमएम (MMU) के माध्यम से ग्राम वार, विकासखण्ड वार, जिलेवार आयुष्मान आरोग्य शिविरों के आयोजन, सक्रिय स्क्रीनिंग एवं संभावित क्षय रोगियों की खोज एक्स-रे एवं 10 लक्षण आधारित स्क्रीनिंग का उपयोग किया जाना, निक्षय मित्र पहल के माध्यम से पोषण सहायता एवं पोषण योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाएगा।