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1 Mar 2026, Sun

निजी विद्यालयों के संचालक विद्यार्थियों अथवा उनके अभिभावकों को पुस्‍तकें, यूनिफॉर्म आदि चयनित विक्रेताओं से क्रय करने के लिए बाध्‍य नहीं करेंगे कलेक्‍टर श्री सिंह ने आदेश जारी किए

उज्‍जैन, 23 फरवरी। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री रौशन कुमार सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 (1) के तहत स्कूल संचालकों, प्रकाशकों एवं विक्रेताओं के एकाधिकार को समाप्त करने के लिए आदेश जारी किए है।आदेश के तहत स्कूल संचालक / प्राचार्य स्कूल में संचालित प्रत्येक कक्षा के लिए अनिवार्य पुस्तकों की सूची विद्यालय के परीक्षा परिणाम के पूर्व अपने स्कूल की वेबसाईट पर अनिवार्य रूप से अपलोड करेंगे एवं अपने स्कूल परिसर में सार्वजनिक स्थान पर चस्पा करेंगे। मान्यता नियमों के अंतर्गत वेबसाईट होना अनिवार्य है। साथ ही पुस्तकों की सूची की एक प्रति प्रवेशित अभिभावकों को प्रवेश के समय एवं परीक्षा परिणाम के समय तक उपलब्ध कराएंगे।       स्कूल संचालक / प्राचार्य, विद्यार्थी एवं उनके अभिभावकों को सूचीबद्ध पुस्तकें, परिणाम अथवा उसके पूर्व क्रय किए जाने हेतु बाध्य नहीं करेगें अभिभावक पुस्तकों की उपलब्धता के आधार पर 15 जून 2026 तक क्रय कर सकेगें। ऐसी स्थिति में अप्रैल माह में प्रारंभ होने वाले शैक्षणिक सत्र प्रथम तीस दिवस की अवधि 01 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक के मध्य का उपयोग विद्यार्थियों के ओरिएंटेशन, व्यावहारिक व मनोवैज्ञानिक पद्धति से शिक्षण में किया जा सकता है। स्कूल संचालक जिस नियामक बोर्ड यथा सी.बी.एस.ई/आई.सी.एस.ई./ माध्यमिक शिक्षा मण्डल से संबद्ध है, उस संस्था के द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम व पाठ्यक्रम के अंतर्गत नियामक संस्था अथवा उसके द्वारा विधिक रूप से अधिकृत एजेंसी यथा-एनसीईआरटी पाठ्य पुस्तक निगम आदि के द्वारा प्रकाशित एवं मुद्रित पुस्तकों के अतिरिक्त अन्य प्रकाशकों / मुद्रकों द्वारा प्रकाशित की जाने वाली पुस्तकों को विद्यालय में अध्यापन हेतु प्रतिबंधित करेंगें। स्कूल संचालक सुनिश्चित करेंगे कि उक्त के अतिरिक्त अन्य विषयों जैसे नैतिक शिक्षा, सामान्य ज्ञान, कम्प्यूटर आदि की प्रकाशकों / मुद्रकों द्वारा प्रकाशित पुस्तकें क्रय करने हेतु बाध्य नहीं किया जाएगा।      निजी विद्यालय प्रबंधन, परिवहन सुविधाओं के संबंध में परिवहन विभाग एवं स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन करेगा।निजी स्कूल संचालक द्वारा विद्यार्थियों / अभिभावकों को पुस्तकें, कापियों, संपूर्ण यूनिफार्म आदि संबंधित स्कूल / संस्था अथवा किसी भी एक दुकान/विक्रेता/संस्था विशेष से क्रय किए जाने हेतु बाध्य नहीं किया जाएगा।      स्कूल संचालक, पालक शिक्षक संघ (PTM) अथवा अन्य अवसरों पर सुनिश्चित करेंगे कि निजी प्रकाशक/मुद्रक/विक्रेता स्कूल परिसर के भीतर प्रचार-प्रसार हेतु किसी भी स्थिति में प्रवेश नहीं करेंगे।स्कूल संचालक/विक्रेता द्वारा पुस्तकों के सेट की कीमत बढ़ाने हेतु अनावश्यक सामग्री जो निर्धारित पाठ्यक्रम से संबंधित नहीं है, का समावेश सेट में नहीं किया जाएगा। कोई भी विक्रेता किसी भी कक्षा के पूरे सेट को क्रय करने की बाध्यता नहीं रखेगा। यदि किसी विद्यार्थी के पास पुरानी किताबें उपलब्ध हो तो उसके केवल उसकी आवश्यकता की पुस्तकें को ही विक्रेता द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा।नोट बुक (कॉपी) पर ग्रेड किस्म, साईज, मूल्य, पेज की संख्या आदि की जानकारी स्पष्ट रूप से उल्लेखित होना चाहिए।कोई भी विद्यालय अधिकतम दो से अधिक यूनिफार्म निर्धारित नहीं कर सकेंगे, ब्लेजर इसके अतिरिक्त होगा, विद्यालय प्रशासन के द्वारा स्कूल यूनिफार्म का निर्धारण इस प्रकार किया जाएगा कि कम से कम 03 सत्र तक उसमें परिवर्तन नहीं हो। विद्यालय प्रशासन द्वारा वार्षिकोत्सव अथवा अन्य किसी आयोजन पर किसी भी प्रकार की वेशभूषा को विद्यार्थियों / पालकों को क्रय करने हेतु बाध्य नहीं किया जायेगा। जिन विषयों के संबंध में नियामक संस्था के द्वारा कोई पुस्तक प्रकाशित/मुद्रित नहीं की गई है उस विषय से संबंधित किसी अन्य पुस्तक को अनुशंसित करने के पूर्व स्कूल संचालक सुनिश्चित करेंगें कि उक्त पुस्तक की पाठ्य सामग्री ऐसी आपत्तिजनक नहीं हो जिससे लोक प्रशांति भंग होने की संभावना हो।यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा तथा इसका उल्लघंन करने वाले व्यक्ति/संस्था/आयोजक के विरूद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अंतर्गत कार्यवाही की जा सकेगी। विद्यालय द्वारा उक्त आदेशों की अवहेलना किए जाने पर शाला के प्राचार्य / संचालक के साथ ही शाला प्रबंधक / बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के समस्त सदस्य भी दोषी होंगे। आमजन इस आदेश का उल्लघंन होने संबंधी शिकायत कमाण्ड कंट्रोल रूम के दूरभाष क्रमांक 0734-2520711 पर कर सकेंगे।यह आदेश उज्जैन जिले की राजस्व क्षेत्र में दिनांक 23/02/2026 से आगामी 02 माह के लिए लागू रहेगा। जिले के समस्त विद्यालय अपने नोटिस बोर्ड पर उक्त सूचना चस्पा करेंगे। विद्यालय के प्राचार्य उक्त आदेशों की जानकारी प्रबंधकों की प्रथम बैठक में सविस्तार देंगे।

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