उज्जैन : मंगलवार, अप्रैल 7, 2026,
उज्जैन, 7 अप्रैल। एडीज मच्छर के काटने से डेंगू, मलेरिया होता है, यह मच्छर दिन में काटता है। डेंगू के अधिकांश मामले पूरी तरह से ठीक हो जाते है और उनका प्रबंधन घर पर भी किया जा सकता है। डेंगू, मलेरिया के बचाव व नियंत्रण के लिए अपने घर परिसर और आसपास पानी इकट्ठा न होने दें। अपने घर के सिंक, गमले, हौज आदि में साफ-सफाई रखें। इसके साथ ही घरों की छतों पर अटाला या गंदगी न होने दें। जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार पटेल द्वारा बताया गया कि मच्छर जनित रोगों का बचाव एवं नियंत्रण आमजन के सहयोग से आसानी से किया जा सकता है। अनेक स्थानों पर जल जमाव होने के कारण घरों में छोटे कंटेनर, टंकियों इत्यादि में एक सप्ताह से अधिक जल संग्रह करने की प्रवृत्ति के कारण डेंगू, मलेरिया एवं चिकनगुनिया जैसे रोग फैलाने करने वाले एडीज मच्छर का प्रजनन शुरू हो जाता है तथा नियमित साफ सफाई न होने के कारण इन मच्छरों के लार्वा उत्पत्ति का स्त्रोत बन जाते है। इन बीमारियों का प्रकोप अत्यधिक रहता है। ठंड देकर बुखार आना, पसीना देकर बुखार उतरना, कपकपी आना, जी मचलाना, सिर दर्द, उल्टी इत्यादि मलेरिया व डेंगू के लक्षण है। मलेरिया बीमारी के नियंत्रण के उपाय के लिये ही नहीं, बल्कि मच्छरजनित अन्य बीमारियों, जैसे-फाइलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया का प्रभावी नियंत्रण करना है।डेंगू एडीज मच्छर के काटने से होता है, यह मच्छर दिन में काटता है। डेंगू के अधिकांश मामले पूरी तरह से ठीक हो जाते हैं और उनका प्रबंधन घर पर भी किया जा सकता है। डेंगू मलेरिया के बचाव व नियंत्रण के लिए अपने घर परिसर और आसपास पानी इकट्ठा न होने दें। अपने घर के सिंक, गमले, हौज आदि में साफ-सफाई रखें। इसके साथ ही घरों की छतों पर अटाला या गंदगी न होने दें। डेंगू, मलेरिया फैलाने वाले मच्छर कहां पैदा होते हैछत पर रखी पानी की खुली टंकियां। टूटे बर्तन, मटके, कुल्हड, गमलों में एकत्र जल में। बेकार फेंके हुए टायरों में एकत्र जल में। बर्तनों में एकत्र जल में। कूलर में एकत्र जल में। किचन गार्डन में रुका हुआ पानी। गमले, फूलदान, सजावट के लिए बने फव्वारे में एकत्र जल में।ऐसे करें डेंगू से बचावडेंगू फैलाने वाले मच्छर रुके हुए पानी में पनपते हैं। इससे बचने के लिए टायर प्लास्टिक कवर, फूल के बर्तन, पालतू जानवरों के पानी के कटोरे आदि जैसी चीज़ों को ढकें। इन मच्छरों के प्रजनन के लिए उपलब्ध आवास को कम करने (स्थिर पानी को खाली करने से) से डेंगू बुखार की रोकथाम में सहायता मिल सकती है। विशेष रूप से घनी आबादी और भीड़ वाले स्थानों में मच्छर निरोधकों का उपयोग करने से मच्छरों को आपसे दूर रखने में मदद मिल सकती है। कुछ क्षेत्रों की यात्रा करते समय, और यहां तक कि जब आप घर पर हों, तो भी अपनी त्वचा पर मच्छर प्रतिरोधी क्रीम लगाएं। मच्छरों के काटने से बचने के लिए लंबी बाजू के कपड़े और मोटे पैंट, मोजे और सुरक्षित जूते पहनें। डेंगू बुखार की रोकथाम के आपके प्रयास में, मच्छरदानी के नीचे सोने से आपको मच्छरों के काटने से सुरक्षा मिल सकती है। रुके हुए पानी में मच्छर पनपते हैं। फूलों के बर्तनों को खाली करें, अपने पालतू जानवर के पानी के कटोरे को साफ करें और बदलें, अपने घर के अंदर किसी भी पानी के पौधे को रखने से बचें, सुनिश्चित करें कि पानी से भरा हुआ हर बर्तन बका हुआ हो।डेंगू के सामान्य लक्षणतेज बुखार, सिर दर्द, मांसपेशियों या जोड़ों में दर्द, जी मिचलाना, उल्टी आना, आँखों में दर्द होना, विभिन्न अंगों में सूजन, डेंगू के गंभीर लक्षण, गंभीर पेट दर्द, लगातार उल्टी होना, मसूड़ों या नाक से खून आना, तेजी से सांस लेना, थकान, बेचैनी, त्वचा के नीचे ब्लीडिंग इनमें से 2 या अधिक लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। “कई बार प्लेटलेट्स कम होने पर यह बुखार खतरनाक हो जाता है। मरीज की जान भी जा सकती है। गंभीर मामलों में गंभीर रक्तस्त्राव और शॉक सिंड्रोम लगता है, जिससे जान को खतरा हो सकता है।यदि बुखार हो तो क्या करें बुखार आने पर तुरंत रक्त की जांच कराएं। मलेरिया की पुष्टि होने पर फूल उपचार लें। खाली पेट दवा कदापि ना ले। मलेरिया की खून की जांच व उपचार सुविधा निशुल्क उपलब्ध है |