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1 Mar 2026, Sun

किसानों के आय में वृद्धि और फसल विविधि‍करण को प्रोत्‍साहन देने के लिए मुख्यमंत्री कृषक फसल उपार्जन सहायता योजना

उज्जैन : बुधवार, फरवरी 25, 2026,

उज्जैन 25 फरवरी। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा किसानों की आय में वृद्धि, फसल विविधि‍करण को प्रोत्साहन तथा उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री कृषक फसल उपार्जन सहायता योजना को निरंतर मजबूत किया जा रहा है। यह योजना खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के माध्यम से संचालित की जाती है तथा राज्य के किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसल उपार्जन में सहायता प्रदान करती है।योजना की प्रमुख विशेषताएंयोजना को वर्ष 2030-31 तक निरंतर जारी रखने का निर्णय लिया गया है, जिसके लिए बजट में पर्याप्त प्रावधान किया गया है (मध्य प्रदेश बजट 2026-27 में इस योजना के लिए ₹1000 करोड़ का प्रावधान शामिल)। ई-उपार्जन पोर्टल (mpeuparjan.nic.in) के माध्यम से किसान घर बैठे पंजीयन, स्लॉट बुकिंग, गिरदावरी जांच एवं भुगतान स्थिति ट्रैक कर सकते हैं। विगत वर्षों में इस पोर्टल के माध्यम से लाखों किसानों को समय पर MSP का लाभ प्रदान किया गया है। रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं पंजीयन की अवधि 07 मार्च 2026 तक निर्धारित की गई है। वर्ष 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष” घोषित किया गया है, जिसमें फसल उपार्जन सहायता के साथ अन्य योजनाओं को मजबूत किया जा रहा है।उड़द प्रोत्साहन योजना 2026 ग्रीष्मकालीन उड़द फसल पर MSP के अतिरिक्त ₹600 प्रति क्विंटल बोनस प्रदान किया जाएगा, ताकि दलहनी फसलों का उत्पादन बढ़े।सरसों पर भावांतर योजना सरसों को भावांतर भुगतान योजना में शामिल किया गया है। यदि मंडी में औसत मूल्य MSP से कम रहता है, तो अंतर की राशि किसानों को प्रदान की जाएगी। केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जा चुका है।चना एवं मसूर का उपार्जन प्राइस सपोर्ट स्कीम के तहत चना (6.49 लाख मीट्रिक टन) एवं मसूर (6.01 लाख मीट्रिक टन) का उपार्जन प्रस्तावित है। उपार्जन अवधि 24 मार्च 2026 से 30 मई 2026 तक होगी। किसानों से अनुरोध है कि समय पर पंजीयन कराएं। तुअर सहित अन्य दलहन फसलों के लिए भी केंद्र को प्रस्ताव भेजा गया है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि “समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश” का संकल्प तभी पूरा होगा जब किसानों को उनकी फसल का लाभकारी मूल्य मिले। सरकार खेत से बाजार तक पूरी श्रृंखला को मजबूत कर रही है तथा नवाचार एवं तकनीक से मध्य प्रदेश को अग्रणी कृषि राज्य बनाने का लक्ष्य है।किसान भाइयों से अपील है कि अधिक जानकारी एवं पंजीयन के लिए आधिकारिक पोर्टल https://mpeuparjan.nic.in/  पर जाएं या निकटतम सहायता केंद्र से संपर्क करें।

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