कृषि उत्पादन आयुक्त की बैठक में पशुपालन और मत्स्य पालन विभाग की समीक्षा के दौरान दिए गए निर्देश
उज्जैन, 6 जून। शनिवार को कृषि उत्पादन आयुक्त श्री अशोक वर्णवाल की अध्यक्षता में आयोजित संभागीय समीक्षा बैठक के द्वितीय सत्र में पशु पालन, पशु चिकित्सा एवं मत्स्य पालन की समीक्षा की गई। बैठक में प्रमुख सचिव पशुपालन एवं पशु चिकित्सा श्री उमाकांत उमराव, प्रबंध निदेशक म.प्र मत्स्य महासंघ श्री अनुराग चौधरी, संभागायुक्त श्री आशीष सिंह और संभाग के समस्त जिलों के कलेक्टर, सीईओ जिला पंचायत और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में पशुपालन एवं पशु चिकित्सा की संभागीय समीक्षा के दौरान प्रमुख सचिव श्री उपराव ने पावर पॉइंट प्रेजेन्टेशन के माध्यम से विभागीय गतिविधियों की विस्तार से चर्चा की। संभाग के समस्त जिलों के कलेक्टर्स द्वारा पशुपालन के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों की जानकारी प्रदान की गई। कलेक्टर उज्जैन श्री रौशन कुमार सिंह ने बताया कि सेक्स सॉर्टेड सिमन में इस बार उज्जैन जिले का लक्ष्य 1 लाख निर्धारित किया गया है। सीईओ जिला पंचायत उज्जैन श्री श्रेयांस कूमट ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में मिल्क एटीएम बनाए जाएंगे। इसमें चलित एटीएम वाहन के माध्यम से दुग्ध प्रदाय किया जाएगा। इसकी सप्लाय चेन भी बनाई जाएगी। यह कार्य उज्जैन सहकारी दुग्ध संघ मर्यादित और स्थानीय एनजीओ के सहयोग से किया जाएगा। प्रमुख सचिव श्री उमराव ने कहा कि हमारे प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने के लिए नस्ल सुधार अत्यंत आवश्यक है। हमें पशुओं के संतुलित आहार पर भी विशेष ध्यान देना होगा। हरे चारे के उत्पादन को बढ़ाना होगा। सहकारी समिति और स्वसहायता समूह के साथ समन्वय स्थापित कर उन्नत हरा चारा उगवाना होगा। पशु चिकित्सक अनिवार्य रूप से पशु चिकित्सालय में उपस्थित रहें अन्यथा उनके विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाए। हिरण्य गर्भ अभियान के अंतर्गत कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा दिया जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि कृत्रिम गर्भाधान में उज्जैन संभाग में अच्छा कार्य किया गया है। नस्ल सुधार के अंतर्गत मैत्री कार्यकर्ता निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति करें अन्यथा उनके विरुद्ध कार्यवाही की जाए। सक्रिय मैत्री कार्यकर्ताओं को पहचान पत्र जारी किए जाए। क्षीर धारा ग्राम योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक गांवों को शामिल किया जाए। इनमें विभागीय समन्वय बेहद आवश्यक है। ब्रीडर संघ का गठन किया जाए। पशुपालकों को इसमें जोड़ा जाए। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए दुधारु पशुओं को संतुलित पोषण आहार दिया जाए। इसके लिए शासन द्वारा गोरस ऐप बनाया गया है। इसके माध्यम से पशुपालकों को पशु के लिए संतुलित आहार के बारे में संपूर्ण जानकारी दी जाएगी। बैठक में डॉ. अंबेड़कर कामधेनु योजना और चलित पशु इकाई की भी समीक्षा की गई। मत्स्य पालन विभाग की समीक्षा के दौरान कृषि उत्पादन आयुक्त श्री वर्णवाल ने निर्देश दिए कि जिलों में जिला पंचायत के पास ऐसे जलाशय का चिन्हांकन किया जाए जिनका क्षेत्रफल 100 से 1000 हेक्टेयर हो तथा लगभग 15 फीट गहराई हो उनका सर्वे किया जाए और इनमें मत्स्य पालन को प्रोत्साहित किया जाए। इसमें युवा वर्ग को अधिक से अधिक शामिल किया जाए और उन्हें मत्स्य पालन से होने वाले लाभ के बारे में बताया जाए। एमएसएमई विभाग के अंतर्गत मछलियों के आहार के पैकेट की यूनिट बनाने के लिए कार्य योजना बनाई जाए। मुख्यमंत्री मछुआ कल्याण योजना के अंतर्गत बनाए गए स्मार्ट फिश पार्लर की समीक्षा के दौरान कृषि उत्पादन आयुक्त ने निर्देश दिए कि र्स्मार्ट फिश पार्लर का प्रभावी रूप से क्रियान्वयन किया जाए। मत्स्य बीज उत्पादन में निर्धारित लक्ष्यानुसार शत प्रतिशत पूर्ति होनी चाहिए। मध्यप्रदेश में मत्स्य उत्पादन के लिए अधिक से अधिक प्रोत्साहन मिलना चाहिए। जिलों में मत्स्य बीज संचय समितियों का गठन किया जाए। पशु पालकों और मत्स्य पालकों को विभागीय योजनाओं में क्या लाभ प्राप्त होंगे इस बारे में उन्हें बताया जाए। साथ ही उक्त योजनाओं में किए गए अच्छे कार्य का प्रचार-प्रसार सोशल मीडिया कें माध्यम से रील बनाकर किया जाए।
