उज्जैन, 15 नवंबर
सिंहस्थ महापर्व एवं अन्य धार्मिक अवसरों पर श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक स्नान स्थल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शिप्रा नदी के तट पर 29 किलोमीटर लंबे नवीन घाट निर्माण कार्य तेजी से जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विशेष मंशा के अनुरूप मध्यप्रदेश शासन द्वारा इस परियोजना पर लगभग 778 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं।
मंगलनाथ मंदिर के समीप घाट निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। इसके साथ ही, शिप्रा तट पर 9 किलोमीटर लंबे स्थायी घाटों के उन्नयन का कार्य भी किया जा रहा है, जिसकी अनुमानित लागत 120 करोड़ रुपये है।
परियोजना पूर्ण होने पर अनुमान है कि 24 घंटे में लगभग ढाई करोड़ श्रद्धालु सहजता से स्नान कर सकेंगे। घाटों की आधुनिक डिजाइन के चलते स्नान के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध होगा, जिससे भीड़ प्रबंधन में प्रशासन को भी सहूलियत होगी।
निर्मित किए जा रहे घाट पूरी तरह स्थायी होंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नए चेंजिंग रूम, आकर्षक विद्युत सज्जा, आवश्यक सुरक्षा प्रबंध और साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
यह विशाल परियोजना उज्जैन को धार्मिक पर्यटन के नए आयाम देने के साथ-साथ सिंहस्थ 2028 की तैयारियों में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

