उज्जैन, 25 सितंबर 2026। श्री महाकाल महालोक में 92 प्रतिमाएं धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाली प्रतिमाओं की स्थापना की तैयारी तेज कर दी गई है। इन प्रतिमाओं में 35 पत्थर की और 57 मेटल की प्रतिमाएं शामिल हैं। शुक्रवार को संभागायुक्त सह सिंहस्थ मेला अधिकारी श्री आशीष सिंह एवं कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह ने प्रतिमा निर्माण कार्यशाला के साथ-साथ निर्माणाधीन सड़क और शिप्रा नदी पर बन रहे ब्रिज का निरीक्षण किया।
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अधिकारियों ने निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को कार्य में गति लाने तथा निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। यह निरीक्षण सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के मद्देनजर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
92 प्रतिमाओं का हो रहा निर्माण श्री महाकाल महालोक में 92 प्रतिमाएं
संभागायुक्त श्री आशीष सिंह एवं कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह ने विक्रम नगर मार्ग स्थित प्रतिमा निर्माण कार्यशाला का निरीक्षण किया। यहां अधिकारियों को बताया गया कि श्री महाकाल महालोक में स्थापित करने के लिए कुल 92 प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं।
इनमें: श्री महाकाल महालोक में 92 प्रतिमाएं
- 35 प्रतिमाएं पत्थर की
- 57 प्रतिमाएं मेटल की
शामिल हैं।
प्रतिमाओं को तैयार करने से पहले भगवान के स्वरूप का स्केच विशेषज्ञों की समिति के माध्यम से अनुमोदित किया जाता है। स्वीकृति मिलने के बाद उसी स्केच के अनुरूप प्रतिमाओं को आकार दिया जाता है।
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पुराणों में वर्णित स्वरूप के आधार पर बन रही प्रतिमाएं
अधिकारियों के अनुसार, महाकाल महालोक की प्रतिमाओं का निर्माण पुराणों में वर्णित स्वरूप और उपलब्ध ऐतिहासिक एवं धार्मिक साक्ष्यों के आधार पर किया जा रहा है। प्रतिमा निर्माण का कार्य केवल उज्जैन में ही नहीं बल्कि ग्वालियर और जयपुर में भी किया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त श्री आशीष सिंह ने प्रतिमा निर्माण में लगे कारीगरों से उनकी आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने कार्यशाला में कारीगरों के लिए पर्याप्त छाया, शेड, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि कारीगरों को बेहतर सुविधाएं मिलने से प्रतिमा निर्माण का कार्य सुचारु रूप से संचालित किया जा सकेगा।
900 मीटर लंबी और 18 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण
श्री महाकाल महालोक में 92 प्रतिमाएं निर्माण कार्यशाला के निरीक्षण के बाद संभागायुक्त और कलेक्टर ने डी मार्ट के सामने निर्माणाधीन नवीन सड़क मार्ग का निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने बताया कि इस नवीन सड़क की लंबाई लगभग 900 मीटर और चौड़ाई 18 मीटर है। संभागायुक्त श्री आशीष सिंह ने संबंधित निर्माण एजेंसी के इंजीनियरों को बारिश का दौर कम होने के बाद सड़क निर्माण के शेष कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने सड़क निर्माण में निर्धारित मानकों और गुणवत्ता का पालन सुनिश्चित करने को कहा। इसके साथ ही बारिश के पानी की निकासी के लिए पर्याप्त एवं प्रभावी व्यवस्था करने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में सड़क पर जलभराव की समस्या उत्पन्न न हो।
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शिप्रा नदी पर निर्माणाधीन ब्रिज का भी निरीक्षण
संभागायुक्त श्री आशीष सिंह और कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह ने शिप्रा नदी पर निर्माणाधीन ब्रिज का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य की वर्तमान प्रगति की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
संभागायुक्त ने कहा कि वर्षाकाल के बाद अब ब्रिज निर्माण कार्य में गति लाई जाए। उन्होंने निर्माण कार्य को निर्धारित गति से आगे बढ़ाने के साथ-साथ गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।
सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर विकास कार्यों में तेजी
उज्जैन में सिंहस्थ-2028 को देखते हुए शहर में विभिन्न विकास और निर्माण कार्य संचालित किए जा रहे हैं। निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त श्री आशीष सिंह ने कहा कि सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के दृष्टिगत शहर में चल रहे विकास एवं निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करना प्राथमिकता है।
उन्होंने संबंधित विभागों और निर्माण एजेंसियों से कार्यों में तेजी लाने के साथ गुणवत्ता बनाए रखने की अपेक्षा की।
निरीक्षण में सामने आए प्रमुख बिंदु
श्री महाकाल महालोक में 92 प्रतिमाएं
92 प्रतिमाएं: महाकाल महालोक में स्थापित करने के लिए कुल 92 प्रतिमाएं तैयार हो रही हैं।
35 पत्थर की प्रतिमाएं: पत्थर से 35 प्रतिमाओं का निर्माण किया जा रहा है।
57 मेटल प्रतिमाएं: मेटल की 57 प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं।
900 मीटर सड़क: डी मार्ट के सामने लगभग 900 मीटर लंबी सड़क का निर्माण हो रहा है।
18 मीटर चौड़ी सड़क: नवीन सड़क मार्ग की चौड़ाई लगभग 18 मीटर रखी गई है।
शिप्रा ब्रिज: शिप्रा नदी पर निर्माणाधीन ब्रिज के कार्य में वर्षा के बाद तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
सिंहस्थ-2028: शहर के विकास एवं निर्माण कार्यों को सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के अनुरूप समय-सीमा में पूरा करने पर जोर दिया गया है।
निष्कर्ष
श्री महाकाल महालोक में 92 प्रतिमाओं की स्थापना उज्जैन के धार्मिक और सांस्कृतिक स्वरूप को और विस्तार देने वाली परियोजना है। इसके साथ ही सड़क और शिप्रा नदी पर ब्रिज जैसे बुनियादी ढांचे के निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करने पर प्रशासन का जोर है। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को देखते हुए इन विकास कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता पर प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है।

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