युवा संवाद 2026 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवाओं से किया आत्मीय संवाद, 2027 को युवा वर्ष बनाने का संकल्प
आत्मीय संवाद, 2027
pledge to make 2007 the year of Youth 2027 को युवा वर्ष बनाने का संकल्प भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और पूज्य संत अवधूत
श्री दादागुरु भगवान ने रविवार को मानसरोवर ग्लोबल यूनिवर्सिटी कैंपस में आयोजित ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम में सहभागिता की। कार्यक्रम का
विषय ‘प्रकृति केन्द्रित जीवन : व्यवस्था एवं विकास’ रहा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बड़ी संख्या में उपस्थित युवाओं से सीधे संवाद करते हुए शिक्षा, रोजगार, आजीविका, स्वास्थ्य और युवा विकास से जुड़े सवालों के जवाब दिए।
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कार्यक्रम में पूज्य संत श्री दादागुरु भगवान एवं मानसरोवर ग्लोबल यूनिवर्सिटी की ओर से प्रदेश के युवाओं की तरफ से मुख्यमंत्री डॉ. यादव का वर्ष 2027 को ‘युवा वर्ष’ घोषित करने के लिए आभार व्यक्त किया गया। मुख्यमंत्री को तुलसी का पौधा, शॉल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया।
युवाओं की ऊर्जा को विकास की दिशा देने पर जोर
pledge to make 2007 the year of Youth 2027 को युवा वर्ष बनाने का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं में मौजूद असीम ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देकर मध्यप्रदेश के विकास में उनकी भागीदारी सुनिश्चित कर रही है। युवा ही विकसित भारत और विकसित मध्यप्रदेश के सपने को साकार करेंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के हित में शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, उद्योग, स्वरोजगार और खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में वर्ष 2027 को ‘युवा वर्ष’ घोषित किया गया है। पूरे वर्ष युवाओं के कल्याण और कौशल विकास से जुड़ी योजनाबद्ध गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि प्रदेश के युवा केवल नौकरी तलाशने वाले न बनें, बल्कि रोजगार देने वाले उद्यमी और उद्योगपति बनें। भारी उद्योग, एमएसएमई, कुटीर एवं ग्रामोद्योग तथा स्वरोजगार के माध्यम से युवाओं के कौशल को विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
युवाओं के सवालों का मुख्यमंत्री ने दिया जवाब
युवा संवाद 2026 में विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से शिक्षा, करियर, युवा वर्ष, उद्योग और रोजगार से जुड़े कई सवाल पूछे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सहजता से सभी सवालों के जवाब दिए।
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छात्र सुजल शुक्ला ने मुख्यमंत्री से पूछा कि चिकित्सा क्षेत्र में चयन होने के बावजूद उन्होंने राजनीति और सार्वजनिक जीवन को क्यों चुना। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रसेवा की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि जीवन में केवल करियर बनाना ही उद्देश्य नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए योगदान देने की भावना भी महत्वपूर्ण है।
छात्र अमन राय ने वर्ष 2027 को ‘युवा वर्ष’ घोषित किए जाने और युवाओं से सरकार की अपेक्षाओं के बारे में सवाल किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवा बड़े सपने देखें, लक्ष्य निर्धारित करें और उन्हें पूरा करने के लिए पूरी शक्ति से आगे बढ़ें। वर्ष 2027 में शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार, उद्यमिता और नवाचार से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
पढ़ाई के साथ समय प्रबंधन का दिया संदेश
छात्रा तन्वी योगी ने मुख्यमंत्री से पढ़ाई और सार्वजनिक जीवन के बीच संतुलन को लेकर सवाल किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि समय का सही नियोजन किया जाए तो जिम्मेदारियों के साथ पढ़ाई जारी रखना संभव है।
उन्होंने विद्यार्थियों से पुस्तकों को अपना साथी बनाने और जीवनभर अध्ययन एवं स्वाध्याय करते रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ज्ञान ऐसा धन है, जो कभी नष्ट नहीं होता और व्यक्ति को निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
उद्योगों से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर
मानसरोवर डेंटल कॉलेज के डॉ. जयेश ने प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों से युवाओं को मिलने वाले रोजगार के अवसरों पर प्रश्न किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में भारी उद्योग, एमएसएमई, लघु एवं कुटीर उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार सृजन के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि उद्योगों को बिजली, पानी, भूमि, पंजीयन शुल्क और निवेश पर ब्याज सहायता जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। रोजगार आधारित उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन देने की नीति पर भी काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में खनन, प्रसंस्करण और तकनीक आधारित उद्योगों की बड़ी संभावनाएं हैं। भोपाल भी निवेश की दृष्टि से तेजी से उभर रहा है। औद्योगिक क्षेत्रों और निवेश से पैदा होने वाले अवसरों का लाभ प्रदेश के युवाओं को दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
संत दादागुरु ने प्रकृति और युवाओं के संबंध पर दिया संदेश
पूज्य संत अवधूत श्री दादागुरु भगवान ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु हमेशा विचार और दृष्टि प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि भारत ने दुनिया को ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ और ‘जियो और जीने दो’ की भावना दी है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का है, लेकिन युवाओं को नेचर इंटेलिजेंस (NI) यानी प्राकृतिक बुद्धिमत्ता से भी जोड़ना आवश्यक है। विकास के साथ प्रकृति का संरक्षण भी जरूरी है।
संत दादागुरु ने युवाओं से कहा कि यह समय केवल उदाहरण देने का नहीं, बल्कि उदाहरण बनने का है। उन्होंने मिट्टी, वृक्ष और प्रकृति के महत्व को रेखांकित करते हुए युवाओं को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि और विद्यार्थी रहे मौजूद
युवा संवाद 2026 कार्यक्रम में विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग के अध्यक्ष डॉ. खेमसिंह डेहरिया, मध्यप्रदेश युवा आयोग के अध्यक्ष श्री प्रवीण शर्मा, नर्मदा मिशन से जुड़ी सुश्री प्रिया भावे चित्तावर, मानसरोवर ग्लोबल यूनिवर्सिटी की ऑनर श्रीमती मंजुला तिवारी, कुलगुरु श्री एएस यादव, युवा प्रतिनिधि सुश्री योगिता राय, सीईडी श्री पंकज श्रीवास्तव सहित जनप्रतिनिधि, विश्वविद्यालय के फैकल्टी सदस्य और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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