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24 Aug 2026, Mon

सतना की प्रिया सिंह बनीं उत्तरप्रदेश पुलिस सब इंस्पेक्टर, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ ने दिखाई सफलता की राह

सतना की प्रिया सिंह ने उत्तरप्रदेश पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में ओवरऑल 379वीं और गर्ल्स कैटेगरी में 28वीं रैंक हासिल की। निःशुल्क सशक्त वाहिनी अभियान की कोचिंग से मिली सफलता।

सीमित संसाधनों से तैयारी कर प्रिया ने हासिल की बड़ी सफलता

भोपाल/सतना। सीमित संसाधनों के बीच ऑनलाइन पढ़ाई और निःशुल्क कोचिंग के सहारे प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाली सतना की बेटी प्रिया सिंह ने अपनी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास से बड़ी उपलब्धि हासिल की है। प्रिया सिंह का चयन उत्तरप्रदेश पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद पर हुआ है।

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प्रिया की सफलता सिर्फ एक प्रतियोगी परीक्षा में चयन की कहानी नहीं है, बल्कि यह ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ की उस सोच का उदाहरण भी है, जिसमें सही अवसर, परिवार का सहयोग और बेटी की मेहनत मिलकर सफलता की नई राह तैयार करते हैं।

UP पुलिस सब इंस्पेक्टर परीक्षा में हासिल की शानदार रैंक

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सतना शहर के मारुति नगर, शारदा कॉलोनी निवासी प्रिया सिंह ने उत्तरप्रदेश पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में 4,543 सफल अभ्यर्थियों के बीच ओवरऑल 379वीं रैंक हासिल की। वहीं गर्ल्स कैटेगरी में उन्होंने 28वीं रैंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

प्रिया ने यह उपलब्धि किसी महंगी निजी कोचिंग के भरोसे नहीं, बल्कि अपनी मेहनत और महिला एवं बाल विकास विभाग, सतना द्वारा ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के अंतर्गत संचालित ‘सशक्त वाहिनी अभियान’ की निःशुल्क कोचिंग के माध्यम से हासिल की।

‘सशक्त वाहिनी अभियान’ ने सपनों को दिए पंख

प्रिया की सफलता में सशक्त वाहिनी अभियान की निःशुल्क कोचिंग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान उन्होंने ऑनलाइन अध्ययन के साथ विभाग की निःशुल्क ऑफलाइन कक्षाओं का भी लाभ उठाया।

नियमित पढ़ाई, अनुशासन, लगातार अभ्यास और आत्मविश्वास ने प्रिया को परीक्षा की तैयारी में मजबूती दी। संसाधनों की कमी को उन्होंने अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया और लक्ष्य पर लगातार ध्यान केंद्रित रखा।

2400 मीटर दौड़ महज 12 मिनट 35 सेकंड में पूरी की

लिखित परीक्षा में सफलता हासिल करने के बाद प्रिया के सामने शारीरिक दक्षता परीक्षा की चुनौती थी। इस चुनौती को भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन के साथ पार किया।

2,400 मीटर की दौड़ 16 मिनट में पूरी करनी थी, लेकिन प्रिया सिंह ने इसे महज 12 मिनट 35 सेकंड में पूरा कर अपनी शारीरिक क्षमता और मजबूत इच्छाशक्ति का परिचय दिया।

उनका यह प्रदर्शन बताता है कि उन्होंने लिखित परीक्षा की तैयारी के साथ शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए भी पूरी गंभीरता और अनुशासन के साथ मेहनत की।

परिवार ने हर कदम पर बढ़ाया प्रिया का हौसला

प्रिया सिंह के पिता राजभान सिंह प्रॉपर्टी डीलर हैं और माता संतोष सिंह गृहिणी हैं। परिवार के सीमित संसाधनों के बावजूद माता-पिता ने बेटी के सपनों को आगे बढ़ाने में पूरा सहयोग किया।

प्रिया के तीनों भाई नागेंद्र सिंह, शैलेंद्र सिंह और सुखेंद्र सिंह भी उनकी तैयारी के दौरान लगातार उनके साथ खड़े रहे। प्रिया अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, भाइयों और सशक्त वाहिनी अभियान की निःशुल्क कोचिंग को देती हैं।

बेटियों को अवसर मिले तो वे इतिहास रच सकती हैं

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प्रिया सिंह की सफलता बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की भावना को मजबूत करती है। यह उपलब्धि बताती है कि बेटियों को शिक्षा, अवसर और सही मार्गदर्शन मिले तो वे किसी भी क्षेत्र में अपनी प्रतिभा साबित कर सकती हैं।

सशक्त वाहिनी अभियान के माध्यम से बेटियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क मार्गदर्शन और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाना उन युवतियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर है, जो आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण निजी कोचिंग का खर्च नहीं उठा सकतीं।

सतना की बेटियों के लिए बनीं प्रेरणा

प्रिया सिंह की सफलता आज उनके परिवार के लिए खुशी और गर्व का विषय है। इसके साथ ही यह सतना की उन बेटियों के लिए भी प्रेरणा है, जो अपने भविष्य को लेकर बड़े सपने देख रही हैं।

प्रिया ने साबित किया है कि सफलता के लिए महंगे संसाधनों से ज्यादा जरूरी संकल्प, मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन है। उन्होंने उपलब्ध अवसर का बेहतर उपयोग करते हुए अपने सपने को हकीकत में बदल दिया।

‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का सपना हुआ साकार

एक छोटे शहर की बेटी से उत्तरप्रदेश पुलिस सब इंस्पेक्टर बनने तक का प्रिया सिंह का सफर दूसरी बेटियों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि बेटियों को शिक्षा और अवसर उपलब्ध कराए जाएं तो वे परिवार के साथ-साथ पूरे समाज का नाम रोशन कर सकती हैं।

प्रिया सिंह की उपलब्धि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ और ‘सशक्त वाहिनी अभियान’ की सोच को जमीन पर साकार करने वाली प्रेरक कहानी बनकर सामने आई है।

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