
उज्जैन,। कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह ने सोमवार को प्रशासनिक संकुल भवन के सभाकक्ष में वर्तमान में चल रहे गेहूं उपार्जन की समीक्षा बैठक ली। समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देश दिए कि गेहूं उपार्जन के अंतर्गत सभी केंद्रों पर बारदाने समय पर उपलब्ध कराए जाएं। गेहूं की अधिक आवक होने के कारण किसानों के स्लॉट की वैधता अवधि का अंतिम दिन होने और उपज की तौल होकर देयक जारी न होने की स्थिति में किसानों को तौल की पर्ची जारी कराई जाए। किसानों को तौल पर्ची जारी होने पर स्लॉट की वैधता अवधि बढ़ाए जाने का विकल्प डीएसओ लॉगइन में उपलब्ध कराया गया है। उक्त स्थिति से सभी उपार्जन केंद्र प्रभारियों को अवगत कराएं। कोई भी किसान जो उपार्जन केंद्र में गेहूं लेकर आ गया है वह अंतिम तिथि होने के कारण तौल पर्ची से वंचित न रहे। सभी अधिकारी फील्ड में अधिक से अधिक भ्रमण कर समय-समय पर उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण करें ताकि किसानों को किसी भी तरह की समस्या होने पर तुरंत उसका निराकरण किया जा सके। बैठक में एडीएम श्री अत्येंन्द्र सिंह गुर्जर, जिला आपूर्ति नियंत्रक श्रीमती शालू वर्मा, उपायुक्त सहकारिता श्री के. पाटनकर, महाप्रबंधक जिला केंद्रीय सहकारी बैंक मर्यादित श्री विशेष श्रीवास्तव, सहायक आपूर्ति अधिकारी श्री चंद्रशेखर बारोड एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में जिला आपूर्ति नियंत्रक द्वारा जानकारी दी गई कि आज दिनांक तक 82,411 किसानों से 5,73,952 मे.टन. गेहूं की खरीदी की जा चुकी है और किसानों को 964.43 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान किया जा चुका है। खाद्य विभाग, कृषि विभाग और उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों द्वारा सोमवार को ग्राम गोंदिया के साईनाथ वेयरहाउस, हासामपुरा के बालाजी वेयर हाउस, सिलोदारावल के महाकालेश्वर वेयर हाउस, बडनगर के तेजाजी वेयर हाउस, महिदपुर विकासखंड के गेहूं उपार्जन केंद्र खेडाखजुरिया, कल्लापिपलिया, झारडा, कासोन का निरीक्षण किया गया।