उज्जैन : शुक्रवार, मई 8, 2026,

उज्जैन,08 मई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में उज्जैन संभाग तेजी से देश के प्रमुख फूड प्रोसेसिंग हब के रूप में उभर रहा है। राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियों और निवेश प्रोत्साहन के परिणामस्वरूप यहां खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित हुआ है। उपलब्ध औद्योगिक आंकड़ों के अनुसार केवल फूड प्रोसेसिंग और एग्रो आधारित उद्योगों में ही लगभग 7300 करोड़ से अधिक का निवेश और 5800 से ज्यादा रोजगार के अवसर बने हैं। संभाग में स्थापित हो रही फूड प्रोसेसिंग इकाइयों ने इस क्षेत्र की पहचान को पूरी तरह बदलने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। पहले जहां यह क्षेत्र मुख्यतः कृषि उत्पादन के लिए जाना जाता था, वहीं अब यहां कृषि आधारित उद्योगों का तेजी से विस्तार हो रहा है। सोयाबीन, आलू, मसाले, दाल और डेयरी उत्पादों पर आधारित उद्योगों की मजबूत श्रृंखला विकसित हो रही है, जिससे उत्पादन से लेकर प्रोसेसिंग और मार्केटिंग तक एक संपूर्ण वैल्यू चेन तैयार हो रही है। इससे न केवल उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है, बल्कि किसानों को भी अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है। उज्जैन संभाग के सातों जिले उज्जैन, देवास, मंदसौर, नीमच, रतलाम, शाजापुर और आगर-मालवा इस औद्योगिक विस्तार का हिस्सा बन रहे हैं, जिससे क्षेत्रीय संतुलित विकास को भी बल मिल रहा है।इन उद्योगों के स्थापित होने से किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स को कच्चा माल स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो रहा है, जिससे सोयाबीन, आलू, मसाले और दालों की मांग में तेजी आई है। इससे किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है और उनकी आय में वृद्धि हो रही है। साथ ही, कंपनियां सीधे किसानों से खरीद कर रही हैं, जिससे बिचौलियों की भूमिका कम हो रही है और किसानों को बाजार से बेहतर जुड़ाव मिल रहा है। इससे मध्यप्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है और राज्य आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। बड़ी कंपनियां दे रहीं बदलाव को नई दिशाफूड प्रोसेसिंग सेक्टर में बड़ी कंपनियों की एंट्री ने इस बदलाव को और गति दी है। पेप्सिको इंडिया होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड, मैकेन फूड्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, एआरएफएम फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, अमिटेक्स एग्रो प्रोडक्ट प्राइवेट लिमिटेड, विप्पी इंडस्ट्रीज लिमिटेड, आडानी विल्मर लिमिटेड, सोनिक बायोकेम एक्सट्रैक्शन लिमिटेड, सफल फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, महाशियन दी हट्टी प्राइवेट लिमिटेड (एमडीएच), आरईएलएसयूएस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और इस्कॉन बालाजी फूड प्राइवेट लिमिटेड जैसी बड़ी और विश्वप्रसिद्ध कंपनियां यहां आ चुकी हैं। इससे उज्जैन को नई पहचान मिली। स्वदेशी उत्पादों की विदेशों में धूम देश और राज्य दोनों के लिए यह फूड प्रोसेसिंग हब महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। इससे स्वदेशी खाद्य उत्पादों का उत्पादन बढ़ रहा है और निर्यात को भी बढ़ावा मिल रहा है। खाद्य सुरक्षा मजबूत हो रही है और भारत की वैश्विक बाजार में स्थिति बेहतर हो रही है। साथ ही, यह निवेश राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उज्जैन संभाग अब केवल एक कृषि क्षेत्र नहीं रहा, बल्कि यह औद्योगिक और कृषि आधारित विकास का संतुलित मॉडल बनकर उभर रहा है। रोजगार के साथ क्षेत्र का समग्र विकास रोजगार के क्षेत्र में भी इस फूड प्रोसेसिंग हब का बड़ा प्रभाव देखने को मिल रहा है। इन उद्योगों के माध्यम से करीब रोजगार के प्रत्यक्ष अवसरों के साथ परिवहन, वेयरहाउसिंग, पैकेजिंग, कोल्ड स्टोरेज और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में हजारों अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर तैयार हो रहे हैं। इससे स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिलने लगा है, जिससे पलायन में भी कमी आई है और क्षेत्रीय विकास को गति मिली है। यह विकास समग्र आर्थिक समृद्धि की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। फूड प्रोसेसिंग उद्योगों के साथ-साथ संबंधित क्षेत्रों जैसे लॉजिस्टिक्स, शिक्षा, स्वास्थ्य और सेवा क्षेत्र में भी तेजी से विकास हो रहा है। इससे पूरे संभाग में आर्थिक गतिविधियां बढ़ी हैं और जीवन स्तर में सुधार देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का विजन और उद्योगों को बढ़ावा देने वाली नीतियों का परिणाम साफ नजर आता है, जो किसान, उद्योग और रोजगार को एक साथ जोड़ रहे हैं। फूड प्रोसेसिंग हब की मिल रही पहचानएमपीआईडीसी उज्जैन के कार्यकारी संचालक श्री राजेश राठौड़ ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में उज्जैन संभाग अब तेजी से “फूड प्रोसेसिंग हब” के रूप में अपनी पहचान बना रहा है और आने वाले समय में यह क्षेत्र मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह पहल न केवल उज्जैन संभाग बल्कि पूरे प्रदेश की समृद्धि का नया अध्याय लिख रही है। इन कंपनियों के आने से नवीन पहचान स्थापित मैकेन फूड्स इंडिया प्रा. लि. — फ्रेंच फ्राइज उत्पादन, ₹3800 करोड़ निवेश, 591 रोजगारपेप्सिको इंडिया होल्डिंग प्रा. लि. — फ्लेवर एवं बेवरेज उत्पादन, ₹1225 करोड़ निवेश, 500 रोजगारमहाशियन दी हट्टी प्रा. लि. — मसाला निर्माण, ₹355 करोड़ निवेश, 300 रोजगारआरपीएसपीएल प्रा. लि. — व्हिप टॉपिंग एवं क्रीम उत्पादन, ₹230 करोड़ निवेश, 200 रोजगारविप्पी इंडस्ट्रीज लि. — सोयाबीन ऑयल उत्पादन, ₹210 करोड़ निवेश, 750 रोजगारअमिटेक्स एग्रो प्रोडक्ट प्रा. लि. — प्रोसेस्ड फूड निर्माण, ₹200 करोड़ निवेश, 400 रोजगारसफल फूड्स प्रा. लि. — दाल मिल एवं ऑयल उत्पादन, ₹158 करोड़ निवेश, 300 रोजगारएआरएफएम फूड्स प्रा. लि. — एग्रो फूड पार्क, ₹150 करोड़ निवेश, 500 रोजगारहरिओम रिफाइनरी — सोया रिफाइनरी, ₹133 करोड़ निवेश, 100 रोजगारसोनिक बायोकेम एक्सट्रैक्शन लि. — प्रोटीन एवं एग्रो उत्पाद, ₹118 करोड़ निवेश, 407 रोजगारआदानी विल्मर लि. (नीमच) — सोया एवं वनस्पति तेल उत्पादन, ₹112 करोड़ निवेश, 350 रोजगाररेल्सस इंडिया प्रा. लि. — फूड इंग्रीडिएंट निर्माण, ₹97 करोड़ निवेश, 185 रोजगारएवीआई एग्री बिजनेस प्रा. लि. — सोया प्रोसेसिंग, ₹93 करोड़ निवेश, 341 रोजगारइस्कॉन बालाजी फूड प्रा. लि. — पोटैटो फ्लेक्स उत्पादन, ₹93 करोड़ निवेश, 383 रोजगारकृति न्यूट्रिशन लि. — सोया उत्पाद निर्माण, ₹59 करोड़ निवेश, 180 रोजगारमित्तल सोया प्रोटीन प्रा. लि. — सोया उत्पाद निर्माण, ₹54 करोड़ निवेश, 86 रोजगारपंचमहल दुग्ध उत्पादक संघ — डेयरी उत्पाद निर्माण, ₹44 करोड़ निवेश, 336 रोजगार