परदेस की धरती पर एक और भारतीय दीप बुझ गया। उज्जैन निवासी गुरकीरत सिंह मनोचा की असामयिक और दर्दनाक मृत्यु ने पूरे शहर को गमगीन कर दिया है। 14 मार्च 2026 को कनाडा के Fort St. John, British Columbia में हुई जघन्य हत्या के बाद अब करीब 20 दिनों के इंतजार के पश्चात उनका पार्थिव शरीर भारत लाया जा रहा है।
2 अप्रैल को अहमदाबाद पहुंचेगा पार्थिव शरीर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्व. गुरकीरत सिंह मनोचा (पुत्र गुरजीत सिंह मनोचा) का पार्थिव शरीर वैंकूवर से दिल्ली होते हुए 2 अप्रैल 2026 को रात्रि लगभग 9:00 बजे Sardar Vallabhbhai Patel International Airport पहुंचेगा।
यहां आवश्यक कस्टम क्लियरेंस और दस्तावेजी प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद पार्थिव शरीर परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
3 अप्रैल को उज्जैन लाया जाएगा
इसके पश्चात पार्थिव शरीर एम्बुलेंस के माध्यम से प्रशासनिक सहयोग के साथ 3 अप्रैल 2026 को सुबह लगभग 9:00 बजे उज्जैन स्थित निवास (86-C, पार्श्वनाथ सिटी, देवास रोड) लाया जाएगा।
🙏 अंतिम दर्शन और अंतिम यात्रा का मार्ग
उज्जैन आगमन के बाद परिवारजन, रिश्तेदार और समाजजन अंतिम दर्शन एवं अरदास करेंगे। इसके बाद पुलिस प्रशासन की व्यवस्था में सम्मानपूर्वक अंतिम यात्रा निकाली जाएगी।
📌 अंतिम यात्रा मार्ग:
पार्श्वनाथ सिटी → देवास रोड → संजीवनी हॉस्पिटल चौराहा → Sukh Sagar Gurudwara Sahib (अरदास) → टावर चौक → चामुंडा माता मंदिर → आगर रोड → मंगलनाथ मार्ग → पीपलीनाका रोड → Chakrateerth Shamshan Ghat
यहां उनका पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। मार्ग में विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।
🏛️ सरकार और प्रशासन का सहयोग
इस संवेदनशील मामले में Mohan Yadav के त्वरित हस्तक्षेप, भारत सरकार के विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावास और स्थानीय प्रशासन के समन्वय से यह प्रक्रिया संभव हो सकी। लगभग 20 दिनों के कठिन प्रयासों के बाद पार्थिव शरीर स्वदेश लाया जा रहा है।
💔 उज्जैन में शोक की लहर
गुरकीरत सिंह मनोचा के निधन से उज्जैन का हर मित्र, परिचित और समाजजन स्तब्ध और दुखी है। एक होनहार युवा की इस तरह हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं और शहर में शोक की लहर है।