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23 Apr 2026, Thu

डीजीपी श्री कैलाश मकवाणा ने मध्यप्रदेश साइबर फॉरेंसिक प्रयोगशाला में e-Forensic 2.0 का किया शुभारंभ

साइबर फॉरेंसिक जांच होगी और अधिक तेज, पारदर्शी एवं तकनीक आधारित

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा साइबर अपराधों की जांच को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मध्यप्रदेश साइबर फॉरेंसिक प्रयोगशाला में अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म e-Forensic 2.0 (Beta) पर कार्य प्रारंभ किया गया है। इस प्रणाली का शुभारंभ पुलिस महानिदेशकश्री कैलाश मकवाणा द्वारा किया गया।

यह प्रणाली Interoperable Criminal Justice System (ICJS) का एक महत्वपूर्ण घटक है, जिसका उद्देश्य पुलिस, न्यायालय, अभियोजन तथा फॉरेंसिक संस्थाओं को एकीकृत डिजिटल मंच पर जोड़ना है, ताकि आपराधिक मामलों में साक्ष्य संकलन, परीक्षण एवं रिपोर्टिंग की प्रक्रिया अधिक सुगम और प्रभावी हो सके।

वर्तमान में इस प्रणाली को Crime and Criminal Tracking Network & Systems (CCTNS) के साथ एकीकृत किए जाने की प्रक्रिया जारी है। आगामी माह में यह एकीकरण पूर्ण होने के 

पश्चात प्रदेश के पुलिस थाने सीधे CCTNS के माध्यम से e-Forensic पोर्टल पर केस से संबंधित परीक्षण एवं साक्ष्य विश्लेषण के लिए ऑनलाइन अनुरोध भेज सकेंगे।

इस प्रणाली मेंडिजिटल e-Sign, रियल-टाइम केस ट्रैकिंग, स्वचालित SMS एवं ई-मेल अलर्ट तथा आंशिक रिपोर्टिंगजैसी उन्नत सुविधाएँ उपलब्ध होंगी, जिससे फॉरेंसिक परीक्षण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और दक्ष बन सकेगी तथा न्यायिक प्रक्रिया को गति मिलेगी।साथ हीकेंद्रीय डैशबोर्डके माध्यम सेराष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) एवंगृह मंत्रालय (MHA) द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर फॉरेंसिक सेवाओं के प्रदर्शन की निगरानी भी की जा सकेगी।

e-Forensic 2.0 के माध्यम से केस पंजीकरण से लेकर डिजिटल रिपोर्ट प्रेषण तक की संपूर्ण प्रक्रिया ऑनलाइन संचालित होगी, जिससे आपराधिक न्याय प्रणाली में पारदर्शिता, त्वरित कार्यवाही और समन्वय को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा।

इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (साइबर), पुलिस महानिरीक्षक (साइबर) एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारीउपस्थित थे।

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