उज्जैन, 18 जून। जनपद पंचायत तराना की ग्राम पंचायत टुकराल में स्थित प्राचीन नीलकंठ महादेव परिसर में स्थित धरोहर बावड़ी का सफल जीर्णोद्धार जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत पूर्ण हो गया है।ग्राम पंचायत द्वारा स्वयं के संसाधनों से कराए गए इस कार्य से लगभग 300 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक जल संरचना को पुनः जीवंत रूप प्रदान किया गया है।लगभग 300 वर्ष पूर्व पत्थरों की विशिष्ट जड़ाई वाली तकनीक से निर्मित यह बावड़ी प्राचीन काल में ग्रामीणों के लिए पेयजल का प्रमुख स्रोत रही है। साथ ही नीलकंठ महादेव परिसर में पूजा-अर्चना का महत्वपूर्ण केंद्र भी रही है। समय के साथ उपेक्षित हो चुकी इस बावड़ी को मूल स्वरूप में पुनर्स्थापित कर स्थानीय धरोहर को संरक्षित करने का सराहनीय कार्य किया गया है।कार्य की शुरुआत 5 मई 2026 को हुई थी। इसमें गाद निकासी, साफ-सफाई, मलबा हटाना तथा आसपास के क्षेत्र की पूर्ण सफाई शामिल रही। कुल अनुमानित लागत 10 हजार रुपये (0.10 लाख) थी, जबकि ग्राम पंचायत टुकराल द्वारा 50 हजार रुपये (0.50 लाख) की राशि उपलब्ध कराई गई।इस सफल जीर्णोद्धार से न केवल प्राचीन बावड़ी को उसके मूल स्वरूप में लाया गया है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहर से जोड़ने का सुंदर माध्यम भी उपलब्ध हुआ है। बावड़ी के आसपास की सफाई से ग्रामीणों के लिए स्वच्छ वातावरण का केंद्र स्थापित हो गया है। स्थानीय लोग अब इस स्थल पर पूजा-अर्चना करने के साथ-साथ अपनी विरासत को संरक्षित रखने पर गर्व महसूस कर रहे हैं।
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