उज्जैन : गुरूवार, दिसम्बर 25, 2025 उज्जैन, 25दिसंबर। कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह द्वारा गत दिवस प्रशासनिक संकुल भवन के सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक ली गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं अन्य महत्वपूर्ण शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन तथा अन्य विषयों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किए गए। बैठक में जिले में विकास खंड वार नए संजीवनी क्लीनिक निर्माण की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए गए कि संजीवनी क्लीनिक का निर्माण समय सीमा में गुणवत्ता और मापदंड अनुसार करवाया जाए। 70 वर्ष से अधिक आयु के जिन लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने है। उनके निर्धारित लक्ष्यानुसार बनाकर पूर्ण किए जाए। ग्रामीण क्षेत्रों और नगरीय निकायों में कैंप लगाकर 70 प्लस के आयुष्मान कार्ड बनाए जाए। कैंप लगाए जाने के पूर्व इनका व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए। स्वास्थ्य विभाग महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ समन्वय कर हितग्राही मूलक योजनाओं का क्रियान्वयन करें। वर्तमान में किए गए एसआईआर कार्यक्रम के अंतर्गत पुनरीक्षण कार्य से भी हितग्राहियों की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इसका संदर्भ लेकर कार्य करें। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण की प्रगति की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य केंद्र के लिए भूमि आवंटन के संबंध में कोई समस्या हो तो तुरंत अवगत कराया जाए। प्रसुता सहायता योजना की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देश दिए कि सभी प्रसव शत प्रतिशत संस्थागत होने चाहिए। इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए। टी.बी. की स्क्रीनिंग का कार्य शत प्रतिशत किया जाए।एएनसी कवरेज के अंतर्गत स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम में प्रगति लाई जाए। अनमोल ऐप में एएनसी पंजीयन में ताजपुर, उज्जैन और खाचरौद में कम पंजीयन होने पर कलेक्टर श्री सिंह ने नाराजगी व्यक्त की और संबंधित बीपीएम का वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि पोर्टल के ऑपरेटर द्वारा सही ढंग से कार्य नहीं किया जा रहा है तो उसे भी हटाया जाए। पोर्टल पर प्रसूति के अपडेशन का कार्य भी नियमित रूप से किया जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री बालह्दय उपचार योजना में 09 प्रकरण लंबित है। कलेक्टर श्री सिंह ने बीएमओ को निर्देश दिए कि उक्त 09 प्रकरणों में बच्चों का चिन्हांकन कर उनका उपचार करवाया जाए। आने वाले दिनों में जो प्रसुतियां होना है उनकी सतत मॉनिटरिंग की जाए और समस्त प्रसुतियां संस्थागत हो यह सुनिश्चित किया जाए। लापरवाही बरतने पर भविष्य में निलंबन की कार्यवाही की जाएगी। कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देश दिए कि सुपोषण कार्यक्रम के अंतर्गत पोषण ट्रेकर ऐप में बच्चों का पंजीयन शत प्रतिशत होना चाहिए। इसमें जिन सीडीपीओ के द्वारा कार्य में लापरवाही बरती जा रही है उनके विरूद्ध कडी कार्यवाही की जाए। परियोजना अधिकारी समय-समय पर उनके अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत भ्रमण करें। आंगनवाडी कार्यकर्ता संपर्क एप पर शत प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराए। सीवियर एनीमिया का चिन्हांकन सही तरीके से किया जाए। कलेक्टर श्री सिंह द्वारा बैठक में जिला चिकित्सालय की लिफ्ट शीघ्र प्रारंभ कराए जाने के निर्देश दिए गए। जिला चिकित्सालय में रख-रखाव की देख रेख के लिए प्रति सप्ताह आरएमओ की ड्यूटी लगाए जाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि जिला चिकित्सालय की कैंटीन में भोजन और अन्य खाद्य सामग्री की गुणवत्ता अच्छी होनी चाहिए। अन्यथा संबंधित ठेकेदार को बदला जाए। अस्पताल प्रबंधक नियमित रूप से अस्पताल का निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि नर्सिंग एवं अन्य स्टाफ समय पर ड्यूटी पर उपस्थित रहे। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री श्रेयांस कूमट, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार पटेल, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक, आरएमओ जिला चिकित्सालय, जिला टीकाकरण अधिकारी, जिलाक्षय अधिकारी, डीएचओ, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्री बृजेश त्रिपाठी, समस्त कार्यक्रम अधिकारी, समस्त बीएमओ, बीपीएम, डीपीएम उपस्थित थे।
