घटिया, उज्जैन। मध्यप्रदेश में पानी बचाने और भूजल स्तर बढ़ाने की दिशा में जनअभियान परिषद ने एक और उल्लेखनीय पहल की है। जलसंचय अभियान के तहत ग्राम उज्जैनिया में नाले पर बोरी बंधान कर वर्षा के बहते पानी को सफलतापूर्वक रोका गया। इससे गांव में भूजल स्तर सुधारने, कुओं-बावड़ियों को भरने और आगामी रबी सीजन में किसानों को सिंचाई सहायता का बड़ा लाभ मिलेगा।
यह अभियान जनसहभागिता और ग्रामीण सामूहिक शक्ति का अद्भुत उदाहरण बनकर सामने आया है।
📌 क्या है ‘बोरी बंधान’ और क्यों है यह महत्वपूर्ण?

बोरी बंधान एक प्राचीन लेकिन बेहद कारगर तकनीक है, जिसमें
- रेत या मिट्टी से भरी बोरियों को नाले के प्रवाह में जमा कर
- बहते पानी को रोककर
- उसे जमीन में रिसने दिया जाता है।
यह तकनीक लाखों लीटर पानी बचाने में सक्षम होती है और कम खर्च में बड़ा प्रभाव दिखाती है।
🟢 अभियान का नेतृत्व
इस जलसंचय कार्य का नेतृत्व जनअभियान परिषद घटिया के ब्लॉक समन्वयक
मोहन सिंह परिहार
ने किया। उनके मार्गदर्शन में ग्रामीणों ने मिलकर सामूहिक श्रमदान किया।
👥 इन जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने दिया सहयोग

इस पुनीत कार्य में प्रबुद्धजन समिति और ग्राम नेतृत्व की सक्रिय भूमिका रही। प्रमुख सहयोगी थे—
- सुमेर सिंह पंवार, अध्यक्ष,
- रघुवीर सिंह पंवार, सचिव
- कृष्णपाल सिंह पंवार
- डॉ. मेहरवान सिंह डोड
- गजराज सिंह डोडिया
- रामगोपाल मालवीय
- दिलीप मालवीय
- सरदार सिंह
- कैलाश कलोसिया
- अर्जुन सिंह
इन सभी ने अपने श्रम, समय और संसाधन देकर अभियान को सफल बनाया।
🌧️ कितना पानी रुका? कितना फायदा होगा?
इस बोरी बंधान से—
- बरसात का बहता पानी नाले में ही रोका गया
- पानी धीरे-धीरे जमीन में रिसेगा
- आने वाले महीनों में भूजल स्तर 1–2 फीट तक ऊपर आने की उम्मीद
- किसानों को रबी फसल की सिंचाई में बड़ा लाभ
- गांव की पेयजल समस्या भी होगी कम
जल विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे एक-एक प्रयास से
लाखों लीटर पानी संरक्षित होता है।
🌱 जलसंचय क्यों है ज़रूरी?
- मध्यप्रदेश के कई जिलों में हर वर्ष भूजल लगातार गिर रहा है
- खेती और पेयजल दोनों पर असर
- छोटे-छोटे पानी रोकने के उपाय ही भविष्य का समाधान
जलसंचय अभियान आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण है, और उज्जैनिया का यह प्रयास पूरे प्रदेश के लिए एक आदर्श बन सकता है।
💬 ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
ग्रामवासियों ने कहा—
“यह सिर्फ पानी रोकने का काम नहीं, बल्कि गांव के भविष्य को सुरक्षित करने की पहल है। जनअभियान परिषद और स्थानीय समिति का यह प्रयास पूरे क्षेत्र में प्रेरणा देगा।”

