बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने विद्यार्थियों को दिया सफलता और सेवा का संदेश
भोपाल, 18 सितंबर 2026। भोपाल में आयोजित बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने युवाओं से. युवाओं से विकसित भारत में योगदान का आह्वान राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने युवाओं से अपनी शिक्षा, प्रतिभा और ऊर्जा का उपयोग केवल व्यक्तिगत सफलता के लिए नहीं, बल्कि समाज, पर्यावरण और राष्ट्रहित में करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। नवाचार, जनसेवा और सकारात्मक सोच के माध्यम से युवा देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। ज्ञान, प्रतिभा और संकल्प से युवा विकसित भारत के निर्माण में दें योगदान : बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह
Readmore खड़े हनुमान मंदिर उज्जैन जय श्रीराम’ के जयकारों से गूंजा शहर
राज्यपाल पटेल शुक्रवार को भोपाल स्थित बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में किया गया।
सफलता के साथ विनम्रता बनाए रखें विद्यार्थी
बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के बाद भी विनम्रता बनाए रखना जरूरी है। विद्यार्थियों को अपनी उपलब्धियों पर गर्व करने के साथ-साथ माता-पिता के त्याग, शिक्षकों के मार्गदर्शन और समाज के सहयोग को हमेशा याद रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी की जीवन यात्रा अलग होती है। विद्यार्थी जहां भी जाएं, वहां अपने परिवार और विश्वविद्यालय की गरिमा बढ़ाने का प्रयास करें।
शिक्षा का उद्देश्य चरित्र निर्माण और लोक कल्याण
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने में भारतीय ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में शिक्षा केवल सूचना और ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं रही है। शिक्षा का उद्देश्य सत्य की खोज, चरित्र निर्माण और लोक कल्याण भी रहा है।
उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा में समानता, अनुशासन और चरित्र निर्माण के महत्व को रेखांकित किया। श्रीकृष्ण, बलराम और सुदामा द्वारा गुरु सांदीपनि के आश्रम में समान रूप से शिक्षा प्राप्त करने के प्रसंग को उन्होंने प्रेरणादायी उदाहरण बताया।
राज्यपाल ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा को वर्तमान समय की चुनौतियों के समाधान और भविष्य के नवाचार का माध्यम बनाया जाना चाहिए।
हरित ऊर्जा से विकसित भारत बनाने की पहल की सराहना
दीक्षांत समारोह की थीम ‘हरित ऊर्जा से विकसित भारत बनाने की पहल’ की राज्यपाल ने सराहना की। उन्होंने कहा कि विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी जरूरी है। प्रकृति के लगातार दोहन के कारण जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग जैसी चुनौतियां सामने आ रही हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से पौधरोपण और जल संरक्षण को जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाने का आह्वान किया। राज्यपाल ने प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कच्छ के रण में एक शिक्षक दंपत्ति द्वारा बच्चों की सहभागिता से पौधरोपण के माध्यम से विद्यालय की बाउंड्री वॉल तैयार करने का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि कार्य छोटा हो सकता है, लेकिन सोच बड़ी और संकल्प मजबूत हो तो उसका प्रभाव दूरगामी हो सकता है।
ऊर्जा और जल संरक्षण में नवाचार पर जोर
राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों से ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा और जल संरक्षण के क्षेत्र में नए प्रयोग और नवाचार को बढ़ावा देने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को ऐसी जीवनशैली के उदाहरण प्रस्तुत करने चाहिए, जिनसे पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा मिले।
उन्होंने विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।
बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह में युवाओं को मिला राष्ट्र निर्माण का संदेश
राज्यपाल ने बताया कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘जन सेवा संकल्प’ अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालयों से विद्यार्थियों की सहभागिता से सेवा शिविर आयोजित करने का आह्वान किया।
उन्होंने सिकल सेल, थैलेसीमिया और कैंसर से पीड़ित मरीजों की सहायता के लिए रक्तदान जैसी समाजोपयोगी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की बात कही। राज्यपाल ने कहा कि रक्तदान जीवनदान के समान है और युवाओं की सेवा भावना विकसित भारत की मजबूत आधारशिला बनेगी।
उच्च शिक्षा में बेटियों का बढ़ा नामांकन
उच्च, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने विश्वविद्यालय में दीक्षांत कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की व्यवस्था के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बेटियों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
मंत्री ने बताया कि इस वर्ष मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा में बेटियों का नामांकन लड़कों की तुलना में अधिक हुआ है। उन्होंने इसे शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव के साथ बदलते भारत की सशक्त तस्वीर बताया।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू करने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल है और प्रदेश में नीति के प्रावधानों के अनुरूप व्यापक स्तर पर इसका क्रियान्वयन किया जा रहा है।
भारत में युवाओं के लिए बढ़े अवसर
बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह में भारतीय विदेश व्यापार संस्थान के कुलपति प्रो. के. रंगराजन ने बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय को नमन करते हुए कहा कि वे स्वयं इस विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र रहे हैं। उन्होंने दीक्षांत समारोह में शामिल होने पर खुशी व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि आज वैश्विक अवसरों के लिए विदेश जाना ही जरूरी नहीं है। भारत में भी युवाओं के लिए बड़ी संख्या में अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने भारत के विभिन्न विकसित देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों के प्रयासों का भी उल्लेख किया।
85 शोधार्थियों को पीएचडी और 27 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक
अपर मुख्य सचिव एवं कुलगुरु, बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय अनुपम राजन ने बताया कि दीक्षांत समारोह में 85 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही 27 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक दिए जाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को दीक्षांत शपथ भी दिलाई गई।
बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को शिक्षा, सेवा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय का यह दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण, पर्यावरण संरक्षण, नवाचार और जनसेवा से जोड़ने का संदेश भी दिया गया। राज्यपाल ने युवाओं से ज्ञान और प्रतिभा के साथ मजबूत संकल्प लेकर विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

[…] AI के दौर में उज्जैन Natural Intelligence का केंद्र बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय दीक्षांत स… मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और […]
[…] AI के दौर में उज्जैन Natural Intelligence का केंद्र बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय दीक्षांत स… मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और […]