किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए सरकार प्रतिबद्ध, जिलों में जारी बलराम कृषि महोत्सव
मध्य प्रदेश में बलराम कृषि महोत्सव के जरिए किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, प्राकृतिक खेती, ड्रोन, स्मार्ट सिंचाई, किसान आईडी और कृषि यंत्रीकरण की जानकारी दी जा रही है।
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, प्राकृतिक खेती और कृषि यंत्रीकरण का लाभ पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में प्रदेश के विभिन्न जिलों में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं इन आयोजनों के माध्यम से किसानों से संवाद कर रहे हैं और उन्हें खेती में नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कहना है कि किसान की समृद्धि से ही प्रदेश और समाज की आर्थिक खुशहाली सुनिश्चित हो सकती है। सरकार का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाने, उत्पादन लागत कम करने और खेती को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने के साथ उन्हें आधुनिक कृषि व्यवस्था से जोड़ना है।
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हर जिले के किसानों से संवाद कर रहे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री डॉ. यादव अपनी व्यस्तताओं के बावजूद बलराम कृषि महोत्सव के माध्यम से किसानों से संवाद कर रहे हैं। उन्होंने गत दिवस नई दिल्ली से शिवपुरी जिले के किसानों के साथ वर्चुअल संवाद किया। इससे पहले अशोकनगर, गुना, विदिशा, रायसेन, भोपाल, राजगढ़, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, उज्जैन और खरगोन सहित कई जिलों में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में वर्चुअल सहभागिता की।
जनजातीय बाहुल्य अलीराजपुर जिले में आयोजित कृषि महोत्सव में मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वयं उपस्थित हुए थे। बलराम कृषि महोत्सव आयोजनों का उद्देश्य किसानों को कृषि क्षेत्र में हो रहे तकनीकी बदलावों की जानकारी देना और उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ना है।
आधुनिक कृषि तकनीक की दी जा रही जानकारी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक का व्यावहारिक ज्ञान उपलब्ध कराया जा रहा है। जिला स्तर पर कृषि के उन्नत तरीकों का प्रदर्शन किया जा रहा है तथा विषय विशेषज्ञ किसानों से सीधे संवाद कर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान कर रहे हैं।
बलराम कृषि महोत्सव में किसानों को डिजिटल कृषि सेवा, मौसम आधारित खेती, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, ड्रोन तकनीक, स्मार्ट सिंचाई, आधुनिक कृषि यंत्रों और कृषि प्रबंधन की नई प्रणालियों के बारे में जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही बाजार आधारित कृषि मॉडल और बदलती जलवायु के अनुरूप खेती करने की तकनीकों से भी किसानों को अवगत कराया जा रहा है।
कृषि विशेषज्ञ किसानों को फसल उत्पादन में जोखिम कम करने, संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और आधुनिक तकनीक के माध्यम से खेती की लागत घटाने के उपाय भी बता रहे हैं।
किसान आईडी को लेकर भी जागरूकता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों को किसान आईडी बनवाने के लिए लगातार प्रेरित कर रहे हैं। किसान आईडी को डिजिटल कृषि व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। इसके माध्यम से किसान से संबंधित विभिन्न जानकारियों को डिजिटल रूप से जोड़ने की व्यवस्था की जा रही है।
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किसान आईडी में भू-अभिलेख, पशुधन स्वामित्व, बोई गई फसल और सरकारी योजनाओं से प्राप्त लाभ सहित किसान से संबंधित विभिन्न जानकारियों को जोड़े जाने का प्रावधान है। इससे किसानों को कृषि संबंधी सेवाओं और योजनाओं तक पहुंच आसान बनाने में मदद मिल सकती है।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर
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सरकार द्वारा प्राकृतिक खेती को भी लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों को रासायनिक कृषि पर अत्यधिक निर्भरता कम करने और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
प्राकृतिक खेती को मिट्टी, जल और पर्यावरण के संरक्षण के साथ जोड़कर देखा जा रहा है। इसके माध्यम से मिट्टी की गुणवत्ता और जल धारण क्षमता बनाए रखने, सिंचाई की आवश्यकता को कम करने तथा कृषि लागत में कमी लाने पर जोर दिया जा रहा है।
जलवायु परिवर्तन के दौर में प्राकृतिक खेती को टिकाऊ कृषि का महत्वपूर्ण विकल्प माना जा रहा है। इससे रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर निर्भरता कम करने तथा खेती को लंबे समय तक टिकाऊ बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
कम लागत और बेहतर आय पर सरकार का फोकस
प्राकृतिक खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों का उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों की शुद्ध आय बढ़ाना भी है। कृषि यंत्रीकरण, स्मार्ट सिंचाई, ड्रोन तकनीक, मृदा परीक्षण और मौसम आधारित खेती जैसे उपायों से किसानों को संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग करने में सहायता मिल सकती है।
सरकार का प्रयास है कि किसान बदलती परिस्थितियों के अनुसार अपनी कृषि पद्धतियों में बदलाव करें और बाजार की मांग के अनुरूप फसल उत्पादन को बढ़ावा दें।
किसान कल्याण वर्ष में कृषि क्षेत्र को नई दिशा
प्रदेश में पूरे वर्ष को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। बलराम कृषि महोत्सव तहत किसानों को कृषि की नई तकनीकों, सरकारी योजनाओं, प्राकृतिक खेती और आधुनिक कृषि प्रबंधन से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मानना है कि किसान स्वावलंबन का प्रतीक है। खेत में किसान और सीमा पर जवान दोनों ही देश की सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी भावना के साथ राज्य सरकार किसान कल्याण से जुड़ी योजनाओं और गतिविधियों को प्राथमिकता दे रही है।
बलराम कृषि महोत्सव के माध्यम से सरकार और किसानों के बीच सीधे संवाद का मंच तैयार हुआ है। इससे किसानों को विशेषज्ञों से जानकारी लेने, नई तकनीकों को समझने और कृषि क्षेत्र में उपलब्ध आधुनिक विकल्पों के बारे में जागरूक होने का अवसर मिल रहा है।

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