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24 Aug 2026, Mon

नवाचार और जनभागीदारी से बदली शिक्षा की तस्वीर, मध्यप्रदेश के दो शिक्षक राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान-2026 के लिए चयनित

राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान-2026 के लिए मध्यप्रदेश के दो शिक्षक चयनित

भोपाल, 22 अगस्त 2026। दृढ़ इच्छाशक्ति, नवाचार और विद्यार्थियों के प्रति समर्पण के साथ सीमित संसाधनों में भी शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव किया जा सकता है। मध्यप्रदेश के दो शिक्षकों ने अपने नवाचार, जनभागीदारी और विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण के माध्यम से यह साबित कर दिखाया है। राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान-2026 के लिए मध्यप्रदेश से भोपाल और सीधी जिले के दो शिक्षकों का चयन हुआ है।

भोपाल जिले के शासकीय सांदीपनी महात्मा गांधी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, भेल की विज्ञान शिक्षिका डॉ. अर्चना शुक्ला तथा सीधी जिले के शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय कंजवार के माध्यमिक शिक्षक (अंग्रेजी) एवं प्रभारी प्रधानाध्यापक श्री शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने अपने कार्यों से शासकीय शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव की मिसाल पेश की है।

नवाचार और विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षा बनी पहचान

दोनों शिक्षकों ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता देते हुए शिक्षा में नए प्रयोग किए। उनके प्रयासों में नवाचार, जनभागीदारी, समर्पण और विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षा को विशेष महत्व मिला। इन प्रयासों से विद्यार्थियों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाने में मदद मिली।

दोनों शिक्षकों की उपलब्धि से न केवल उनके संबंधित जिलों का गौरव बढ़ा है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश का मान भी बढ़ा है।

राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी डॉ. अर्चना शुक्ला

राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान की चयन प्रक्रिया बहुस्तरीय और प्रतिस्पर्धात्मक होती है। डॉ. अर्चना शुक्ला मध्यप्रदेश से राज्य स्तर पर चयनित छह शिक्षकों में शामिल रहीं। वे राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाली मध्यप्रदेश की एकमात्र महिला शिक्षिका भी रहीं।

विज्ञान शिक्षिका के रूप में उनके नवाचारों और विद्यार्थियों के प्रति समर्पण ने उन्हें राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान की चयन प्रक्रिया में अलग पहचान दिलाई।

सीमित संसाधनों में शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने बदली विद्यालय की तस्वीर

सीधी जिले के शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय कंजवार के माध्यमिक शिक्षक एवं प्रभारी प्रधानाध्यापक शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने सीमित संसाधनों वाले ग्रामीण विद्यालय में बेहतर शैक्षणिक वातावरण विकसित करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया।

उन्होंने जनभागीदारी और नवाचारी सोच के माध्यम से विद्यालय में शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार किया। उनके प्रयासों से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को नई दिशा मिली और विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला।

स्कूल शिक्षा विभाग के लिए गौरव की उपलब्धि

राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान-2026 के लिए दोनों शिक्षकों का चयन मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। यह चयन प्रदेश के अन्य शिक्षकों के लिए भी नवाचार और बेहतर शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने की प्रेरणा प्रदान करेगा।

दोनों शिक्षकों ने यह संदेश दिया है कि सीमित संसाधन शिक्षा में बाधा नहीं, बल्कि नवाचार और जनभागीदारी के माध्यम से बेहतर परिणाम हासिल करने का अवसर बन सकते हैं।

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