उज्जैन । उप संचालक पशु पालन डॉ. के. सिरवानी ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को दोगुना करने का लक्ष्य पशुपालन एवं डेयरी विभाग को दिया गया है।
इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य की पूर्ति के लिए विभाग द्वारा संचालित गतिविधियों जैसे नस्ल सुधार, पशु स्वास्थ एवं पशु पोषण के बारे मे पशुपालाकों को जागरुक करने के लिए दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान 3 चलाया जाना है।
अभियान का प्रथम चरण विगत 02.10.2025 से 09.10.2025 तक तथा द्वित्तीय चरण दिनांक 17.12.2026 से 15.01.2026 के गध्य कियान्वित किया गया था।
अभियान का तृतीय चरण दिनांक 13 जुलाई 2026 से 20 जुलाई 2026 तक कियान्वित किया जाएगा जिसमे 3 से 4 पशु (गौवंश एवं भैंस वंश) रखने वाले पशुपालकों से गृह भेंट कर व्यक्तिश संपर्क किया जायेगा। भारत पशुधन ऐप पर दर्ज ऐसे पशुपालक जो 3 से 4 दुधारु पशु पाल रहे हैं से गृह भेंट करते हुए उन्हें अवर्णित नस्ल मे कृत्रिम गर्भाधान द्वारा नस्ल तैयार करने, संतुलित पशु आहार हेतु गौरस ऐप द्वारा संतुलित आहार बनाना, विभागीय वाट्सएप चैनल से जोडते हुए विभागीय योजनाओ की जानकारी सांझा करना, विभाग द्वारा प्रदत उन्नत पशु संबंधी चार्ट रील मोबाईल पर भेजते हुए पशु आहार में साईलेज का महत्व, पशु टीकाकरण आदि के संबंध में व्यवहारिक से जागृत करने का प्रयास किया जाएगा।
इससे उपलब्ध पशुधन से बेहतर दुग्ध उत्पादन प्राप्त किया जा सकेगा।
उज्जैन जिले के 1056 ग्रामों मे 14439 पशुपालकों से गृह भेंट का व्यापक लक्ष्य निर्धारित किया गया है । जिसके लिये 294 संपर्क अधिकारी (विभागीय व मैत्री कार्यकर्ता) तैनात किये गए हैं।
संपूर्ण अभियान कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह के मार्गदर्शन मे चलाया जायेगा, जिसमें जनप्रतिनिधियों व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को सम्मिलित किया जाएगा।
पूर्व के दो अभियानों की व्यापक स्वीकार्यता से प्रेरित होते हुए पशुपालन विभाग द्वारा 3 से 4 पशु रखने वाले पशुपालकों को लक्षित किया गया है। कृषक कल्याण वर्ष तहत किसानो की आय में वृद्धि हेतु बेहतर दुग्ध उत्पादन अच्छा माध्यम हो सकता है।
उपसंचालक पशुपालन जिला उज्जैन द्वारा पशुपालकों से अपील की गई कि दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान 3 से जुडते हुए अधिकतम लाभ उठाने का
प्रयास करें।