उज्जैन, 22 जून। जनपद पंचायत तराना अंतर्गत ग्राम पंचायत कावलीखेड़ा में जनभागीदारी के माध्यम से तालाब गहरीकरण का कार्य पूर्ण होने से ग्रामीण क्षेत्र में जल संरक्षण एवं कृषि विकास की एक उत्कृष्ट सफलता की कहानी लिखी गई है। यह कार्य बिना किसी सरकारी खर्च के पूर्ण रूप से जन सहयोग से संपन्न हुआ है, जो सामुदायिक प्रयासों की शक्ति को दर्शाता है।ग्राम पंचायत कावलीखेड़ा के पुराने तालाब में वर्षों से उपयोग के दौरान मिट्टी जमा हो गई थी, जिससे जलधारण क्षमता में भारी कमी आ गई थी। ग्रीष्मकाल में जल संकट गहराने लगा था और किसानों को पर्याप्त सिंचाई जल उपलब्ध नहीं हो पा रहा था। इस समस्या को देखते हुए सरपंच एवं सचिव ने मिलकर जनभागीदारी के माध्यम से तालाब गहरीकरण करने का निर्णय लिया। ग्राम पंचायत कावलीखेड़ा के तालाब में जनभागीदारी से लगभग 600 घन मीटर मिट्टी निकाली गई। इससे तालाब की जलधारण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे वर्षा जल का बेहतर संरक्षण संभव हो सकेगा और किसानों के खेतों में सिंचाई की सुविधा बढ़ गई है।इस कार्य से जल संरक्षण और कृषि विकास में महत्वपूर्ण योगदान मिला है। किसानों को सिंचाई हेतु पर्याप्त जल उपलब्धता सुनिश्चित हुई है, साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है। इससे भूजल स्तर में सुधार की संभावना भी प्रबल हुई है। स्थानीय किसानों ने बताया कि अब उनके खेतों में पानी की उपलब्धता बढ़ने से फसल उत्पादन में सुधार की उम्मीद जगी है। यह कार्य पूरे गांव के लिए प्रेरणादायक साबित हुआ है।
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