भोपाल, शनिवार, 8 नवम्बर 2025
किसान कल्याण और कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के अन्नदाताओं के हितों की रक्षा और उनके आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह संकल्पित हैं। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए भावांतर भुगतान योजना प्रभावी रूप से लागू की गई है। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसी भी किसान को अपनी मेहनत का नुकसान न झेलना पड़े।
श्री कंषाना ने बताया कि भावांतर योजना 2025 के तहत सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए 8 नवंबर को 4033 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह दर उन किसानों के लिए लागू होगी जिन्होंने अपनी उपज कृषि उपज मंडियों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर किसानों को भावांतर राशि का भुगतान किया जाएगा।
किसानों में भावांतर योजना को लेकर उत्साह
कृषि मंत्री ने बताया कि भावांतर योजना के प्रति किसानों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। अब तक 9 लाख 36 हजार 352 किसानों ने योजना में पंजीयन कराया है। योजना प्रारंभ होने के बाद से प्रदेश की 243 मंडियों और उप मंडियों में 1 लाख 44 हजार 180 किसानों द्वारा 24 लाख 67 हजार 100 क्विंटल सोयाबीन की बिक्री की जा चुकी है।
प्रदेश में सर्वाधिक सोयाबीन की आवक गंजबासौदा, देवास, उज्जैन, इंदौर और आगर की कृषि उपज मंडियों में रही। सभी मंडियों में विपणन प्रक्रिया सुव्यवस्थित और पारदर्शी रूप से संपादित की जा रही है।
किसानों को मिलेगा अतिरिक्त 1300 रुपए प्रति क्विंटल का लाभ
श्री कंषाना ने कहा कि राज्य सरकार किसान हितैषी नीतियों पर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में सोयाबीन उत्पादक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त 1300 रुपए प्रति क्विंटल का लाभ दिया जाएगा। इसका वितरण आगामी 13 नवंबर से शुरू होगा।
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यक्रमों को गति देते हुए “सशक्त भारत-सशक्त मध्यप्रदेश” के निर्माण की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है।
