सीईओ जिला पंचायत श्रेयांश कूमट
उज्जैन, शुक्रवार, 8 नवम्बर 2025
उज्जैन जिले में छात्रवृत्ति वितरण की प्रक्रिया को गति देने के उद्देश्य से जिला पंचायत सीईओ श्री श्रेयांश कूमट ने शुक्रवार को जिला पंचायत सभागार में बैठक आयोजित की। बैठक में स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा और आदिमजाति कल्याण विभागों की समीक्षा की गई।
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बैठक के प्रारंभ में जिला संयोजक आदिमजाति कल्याण विभाग श्रीमती निधि जायसवाल ने कॉलेज संस्थाओं की छात्रवृत्ति रिपोर्ट प्रस्तुत की। समीक्षा के दौरान पाया गया कि कुछ कॉलेज प्रमुख बैठक में अनुपस्थित रहे। इस पर सीईओ श्री कूमट ने नाराजगी जताते हुए अनुपस्थित कॉलेज प्रमुखों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही जिन संस्थाओं में छात्रवृत्ति की पेंडेंसी है, उनसे कारण पूछते हुए एक सप्ताह के भीतर सभी प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश दिए।
ई-अटेंडेंस को लेकर सख्त निर्देश
बैठक में एडीपीसी श्री गिरीश तिवारी ने स्कूल शिक्षा विभाग की स्थिति पर प्रस्तुति दी। इस दौरान सीईओ श्री कूमट ने स्पष्ट कहा कि ई-अटेंडेंस अब सभी के लिए अनिवार्य है, यह केवल औपचारिकता नहीं बल्कि न्यायालय के आदेश का पालन है। उन्होंने चेतावनी दी कि ई-अटेंडेंस न लगाने वालों पर कार्यवाही की जाएगी।
योजनाओं की समीक्षा और व्यय की पारदर्शिता पर जोर
योजना अधिकारी श्रीमती संगीता श्रीवास्तव ने छात्रवृत्ति की स्थिति पर प्रस्तुतीकरण देते हुए बताया कि कुछ संकुलों में कार्य शेष है। इस पर सीईओ ने सभी संकुल प्रभारियों को निर्देश दिए कि अगली समीक्षा बैठक से पूर्व 100 प्रतिशत पेंडेंसी समाप्त कर ली जाए।
इसके साथ ही एडीपीसी ने पीएम श्री स्कूलों के व्यय का ब्यौरा प्रस्तुत किया, जिस पर सीईओ श्री कूमट ने भंडार क्रय नियमों का पालन करते हुए पूर्ण व्यय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निर्माण कार्यों की भी हुई समीक्षा
बैठक में पीएम श्री स्कूलों के निर्माण कार्यों की प्रगति पर भी चर्चा हुई। सीईओ ने निर्देश दिए कि आगामी समीक्षा बैठक में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के इंजीनियरों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
बैठक के अंत में एडीपीसी श्री तिवारी ने धन्यवाद ज्ञापित किया और सीईओ श्री श्रेयांश कूमट की अनुमति से बैठक संपन्न हुई।
