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5 Jun 2026, Fri

संभागायुक्त श्री सिंह और कलेक्टर श्री सिंह ने शैव अखाड़ों की पेशवाई मार्ग का निरीक्षण किया

उज्जैन : मंगलवार, मई 5, 2026

उज्जैन, 5 मई। सिंहस्थ महापर्व के दौरान अखाड़ों का पड़ाव स्थल नीलगंगा क्षेत्र में होता है। नीलगंगा पड़ाव स्थल से अखाड़े पेशवाई के रूप में सिंहस्थ मेला क्षेत्र के शिविर स्थल की ओर जाते है। मंगलवार को संभागायुक्त सह सिंहस्थ मेला अधिकारी श्री आशीष सिंह और कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह ने नीलगंगा से पेशवाई मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान संभागायुक्त श्री सिंह ने पेशवाई मार्ग में की जाने वाली व्यवस्थाओं की जानकारी ली।संभागायुक्त श्री आशीष सिंह और कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह ने मंगलवार को सिंहस्थ महापर्व के दौरान नीलगंगा पड़ाव स्थल से शैव, उदासीन अखाड़ों की पेशवाई मार्ग का किया निरीक्षण। इस दौरान जानकारी दी गई कि सिंहस्थ 2028 में नीलगंगा सिंहस्थ पड़ाव स्थल से श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा, श्री पंच दशनाम आव्हान अखाड़ा, श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा, श्री पंचायती अटल अखाड़ा, श्री पंचायती  निरंजनी अखाड़ा, श्री पंचायती आनंद अखाड़ा और श्री पंचायती नया उदासीन अखाड़ा की पेशवाई नीलगंगा से प्रारंभ होकर तीन बत्ती चौराहा, टावर चौक, फ्रीगंज ब्रिज से अग्नि अखाड़ा देवासगेट होकर निकलती है। इस दौरान पेशवाई मार्ग में आने वाले अतिक्रमण हटाने और अन्य व्यवस्थाएं की जाना प्रस्‍तावित हैउल्लेखनीय है की सिंहस्थ महापर्व के दौरान सभी 13 अखाड़ों की शाही पेशवाई निकालने का अपना एक अलग ही उत्साह और आनंद रहता है, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के स्थानीय प्रबंधक डॉ. गोविंद सोलंकी ने जानकारी देते हुए बताया कि शैव संप्रदाय के जो अखाड़े हैं। उनमें प्रमुख रूप से श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा, श्री पंचायती निरंजनी अखाड़ा, श्री पंचदशनाम आव्हान अखाड़ा, श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा, श्री पंचायती अटल, अखाड़ा श्री पंचायती आनंद अखाड़ा और श्री पंच अग्नि अखाड़ा प्रमुख है। जिनकी पेशवाई क्रमशः सिंहस्थ पड़ाव स्थल नीलगंगा से प्रारंभ होकर फ्रीगंज होते हुए अपने-अपने शिविर स्थल मेला क्षेत्र में प्रवेश करती है। श्री पंच अग्नि अखाड़े की पेशवाई देवास गेट स्थित अग्नि अखाड़े से प्रारंभ होकर देवास गेट बस स्टैंड मालीपुरा होते हुए मेला क्षेत्र में प्रवेश करेगी, वहीं उदासीन संप्रदाय के दो अखाड़े है जिसमें प्रमुख है। श्री पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़ा और से पंचायती नया उदासीन अखाड़ा, इसमें श्री पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़े की शाही पेशवाई अलख धाम नगर स्थित अलख  मैहर धाम  से प्रारंभ होकर मेला क्षेत्र में प्रवेश करती है। वहीं श्री पंचायती नया उदासीन अखाड़ा की पेशवाई नीलगंगा पड़ाव स्थल से प्रारंभ होकर फ्रीगंज होते हुए मेला क्षेत्र में प्रवेश करती है ,तो वहीं श्री पंच निर्मल अखाड़े की शाही पेशवाई फ्रीगंज गुरुद्वारे से प्रारंभ होते हुए टावर होकर मेला क्षेत्र में प्रवेश करती है, सिंहस्थ महापर्व के दौरान पेशवाई देखने के लिए देश दुनिया से लाखों लोग उन दिनों में फ्रीगंज के नए क्षेत्र में मौजूद होकर देशभर से आए संत महात्माओं की पेशवाई का पुष्प वर्षा का स्वागत करते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं, इसी कड़ी में सिंहस्थ 2028 में निकलने वाली पेशवाई मार्गो का निरीक्षण करने आज मेला अधिकारी और कलेक्टर पेशवाई मार्ग पर निकले और पेशवाई मार्ग की व्यवस्थाओं को देखा।

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