उज्जैन। ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास, सामाजिक जागरूकता और जनभागीदारी को सशक्त बनाने के उद्देश्य से विकासखंड घटिया के आदर्श ग्राम उज्जैनिया में ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों के सदस्यों के लिए एक दिवसीय क्षमता वर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम नवांकुर संस्था संकल्प शिव शक्ति सामाजिक लोक कल्याण समिति द्वारा मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का उद्देश्य ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों के सदस्यों को ग्राम स्तर पर विकास कार्यों की योजना, सामाजिक सहभागिता, स्वावलंबन, पर्यावरण संरक्षण, जैविक खेती तथा समितियों के प्रभावी संचालन से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान करना था, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की प्रक्रिया को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।
ग्राम विकास के लिए जनभागीदारी आवश्यक
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सरपंच श्री तेजकरण चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी गांव के विकास के लिए जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण तत्व है। यदि ग्राम के लोग एकजुट होकर कार्य करें तो गांव की अनेक समस्याओं का समाधान आसानी से किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियां गांव के सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
उन्होंने समिति के सदस्यों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने गांव की समस्याओं को पहचानकर उनके समाधान के लिए सामूहिक प्रयास करें। ग्राम में स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और कृषि विकास जैसे क्षेत्रों में समितियों की सक्रिय भूमिका आवश्यक है।
प्रशिक्षण का उद्देश्य बताया गया
कार्यक्रम की शुरुआत में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, घटिया के विकासखंड समन्वयक श्री मोहन सिंह परिहार ने प्रशिक्षण की भूमिका प्रस्तुत की। उन्होंने प्रशिक्षण के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियां ग्रामीण समाज को संगठित करने का एक प्रभावी माध्यम हैं।
उन्होंने बताया कि इन समितियों के माध्यम से गांवों में सामाजिक जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता अभियान, शिक्षा और स्वास्थ्य से संबंधित गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सकता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि समितियां सक्रिय होकर कार्य करें तो गांवों में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
जन अभियान परिषद की कार्यप्रणाली पर प्रकाश
इस अवसर पर विकासखंड की नवांकुर समिति रीक्रिएट सोशल डेवलपमेंट फाउंडेशन के प्रतिनिधि श्री रितेश श्रोत्रिय ने मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की कार्यप्रणाली तथा ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों की भूमिका पर विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि परिषद का मुख्य उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़कर विकास की प्रक्रिया को जनआंदोलन का स्वरूप देना है। परिषद के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न सामाजिक और विकासात्मक गतिविधियों का संचालन किया जाता है।
श्री श्रोत्रिय ने कहा कि ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों के माध्यम से गांवों में स्वावलंबन की भावना को बढ़ावा दिया जा सकता है। इसके लिए आवश्यक है कि समिति के सदस्य सक्रियता के साथ कार्य करें और समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास कार्यों में सहभागी बनाएं।
सामाजिक समरसता और सामुदायिक सहयोग का महत्व
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान परामर्शदाता श्री हेमेंद्र पाटीदार ने सामाजिक समरसता, सामुदायिक सहयोग और जनभागीदारी के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों के बीच समरसता और सहयोग की भावना विकसित होने से विकास कार्यों को गति मिलती है।
उन्होंने कहा कि ग्राम विकास केवल सरकारी योजनाओं से ही संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। जब ग्रामवासी स्वयं अपने गांव के विकास के लिए आगे आते हैं, तब विकास की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और स्थायी बनती है।
जैविक कृषि को बढ़ावा देने की अपील
कार्यक्रम के दौरान आदर्श ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति उज्जैनिया के अध्यक्ष श्री सुमेर सिंह ने किसानों को जैविक कृषि अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि रासायनिक खेती से जहां भूमि की उर्वरता प्रभावित होती है, वहीं जैविक खेती से भूमि की गुणवत्ता में सुधार होता है और स्वास्थ्य के लिए भी यह अधिक लाभकारी होती है।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे धीरे-धीरे जैविक खेती की ओर बढ़ें और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करते हुए कृषि कार्य करें।
विभिन्न गांवों के प्रतिनिधियों की सहभागिता
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में क्षेत्र के कई गांवों की ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसमें ग्राम निपानिया, नजरपुर, कालूखेड़ी, सलामता और उज्जैनिया के समिति सदस्य उपस्थित रहे।
इसके साथ ही नवांकुर साखियों की भी सक्रिय सहभागिता रही। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने ग्राम विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की और अपने अनुभव साझा किए।
ग्रामीण विकास के लिए लिया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने गांवों के विकास के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि वे ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों के माध्यम से समाज में जागरूकता फैलाएंगे और विकास कार्यों में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करेंगे।
कार्यक्रम का संचालन श्री रितेश श्रोत्रिय द्वारा किया गया, जबकि अंत में श्रीमती वैशाली परमार ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने यह विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं।
ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के मार्गदर्शन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों के माध्यम से सामाजिक जागरूकता और विकास कार्यों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
इन समितियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, स्वच्छता और कृषि विकास जैसे क्षेत्रों में अनेक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
उज्जैन जिले के घटिया विकासखंड के आदर्श ग्राम उज्जैनिया में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ है, जो भविष्य में ग्रामीण विकास की नई संभावनाओं को जन्म देगा।
