उज्जैन : मंगलवार, जनवरी 6, 2026 उज्जैन 6 जनवरी। कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह द्वारा मंगलवार को शासकीय संकुल भवन के सभाकक्ष में विभिन्न मामलों में जनसुनवाई की गई। बड़नगर के ग्राम बालोदा हसन निवासी मदन सिंह ने आवेदन दिया कि उनके स्वामित्व की कृषि भूमि विगत 2017-18 तक के राजस्व अभिलेख में उन्हीं के नाम से दर्ज थी। लेकिन वर्ष 2018-19 से वर्ष 2020-21 तक उनकी भूमि का सर्वे नं त्रूटिवश विलोपित कर दिया गया है और राजस्व कंप्यूटर अभिलेख में दर्ज नहीं हुआ है। इसे शीघ्र अतिशीघ्र सही किया जाए। अन्यथा प्रार्थी को बहुत पेरशानी होगी। इस पर एसडीएम बडनगर को जांच कर शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
उज्जैन निवासी संतोष धावरी ने आवेदन दिया कि वे पिछले 08 से 09 वर्षों से शासकीय पॉलिटेक्निक विद्यालय में सफाईकर्मी के रूप में कार्यरत थे। उन्हें बिना किसी ठोस कारण के काम से निकाल दिया गया है। इस पर पॉलिटेक्निक महाविद्यालय के प्राचार्य को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। उज्जैन के ग्राम मंगरोला निवासी श्यामाबाई ने आवेदन दिया कि वे गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करती है तथा गांव में पिछले 30 वर्षों से निवासरत है अत: उन्हें शासन की ओर से आवासीय पट्टा दिलवाया जाए। इस पर तहसीलदार उज्जैन को नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
घट्टिया के ग्राम बिछडोद निवासी गंगाबाई ने आवेदन दिया कि एक व्यक्ति द्वारा धोखाधडी पूर्वक उन्हें गोचर भूमि पर आवासीय पट्टा दिलवाए जाने की बात कर उनसे 10 हजार रुपए ऐंठ लिए गए तथा आज दिनांक तक न तो उन्हें पट्टा दिलवाया गया और ना ही उनकी राशि लौटाई गई है।
प्रार्थियां द्वारा उनके रुपए लौटाने की मांग करने पर अनावेदक द्वारा उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है। इस पर पुलिस अधीक्षक उज्जैन को मामले की जांच कर उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। खाचरौद तहसील के ग्राम भाटखेडी निवासी गोविंद सिंह ने आवेदन दिया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत उन्हें आवास निर्माण करने के लिए प्रथम किस्त प्राप्त हो गई थी। लेकिन आज दिनांक तक दूसरी और तीसरी किस्त उन्हें प्राप्त नहीं हुई है।
इस वजह से उनका मकान अधूरा है तथा बारिश के मौसम में उन्हें बहुत परेशानी हो रही है। अत: उन्हें शीघ्र-अतिशीघ्र राशि दिलवाई जाए। इस पर सीईओ जनपद पंचायत खाचरौद को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार सीईओ जिला पंचायत, अपर कलेक्टर और अन्य अधिकारियों द्वारा भी विभिन्न मामलों में जनसुनवाई की गई।
