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20 Oct 2026, Tue

मध्यप्रदेश बनेगा विज्ञान अनुसंधान का राष्ट्रीय हब? मंत्री विश्वास सारंग ने कही बड़ी बात

भोपाल। खेल, युवा कल्याण एवं सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश के केंद्र में स्थित होने के साथ-साथ वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए अनुकूल प्राकृतिक, भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियाँ रखता है। ऐसे में केंद्र सरकार यदि चाहे तो प्रदेश को “विज्ञान अनुसंधान का राष्ट्रीय हब” बनाया जा सकता है। वे शनिवार को भोपाल में आयोजित 59वीं राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

इस प्रदर्शनी में देश के 23 राज्यों, 7 केंद्र शासित प्रदेशों और 7 राष्ट्रीय संस्थानों के 800 से अधिक बाल वैज्ञानिकों और शिक्षकों ने भाग लिया और कुल 240 विज्ञान मॉडल प्रदर्शित किए। कार्यक्रम में भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय भी उपस्थित थीं।


“बाल वैज्ञानिकों में देश का भविष्य चमकता दिखता है”

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मंत्री श्री सारंग ने कहा कि बच्चों द्वारा प्रस्तुत नवाचारात्मक साइंस मॉडल भारत के उज्ज्वल भविष्य की झलक देते हैं। यदि इन बाल वैज्ञानिकों को निरंतर प्रोत्साहन मिले, तो इनमें से कई बच्चे आगे चलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन कर सकते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में इन्हीं में से कोई नोबल पुरस्कार भी जीत सकता है।

उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नए नारे—
“जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान और जय अनुसंधान”
—का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अनुसंधान के महत्व को रेखांकित करता है।

मंत्री ने यह भी बताया कि मध्यप्रदेश सरकार ने मेडिकल शिक्षा को हिंदी माध्यम में उपलब्ध कराने के लिए पाठ्यपुस्तकें तैयार की हैं, जिसकी देशभर में सराहना हुई है।

नई शिक्षा नीति: मातृभाषा में शिक्षा पर जोर

कार्यक्रम में सचिव, केंद्रीय स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, नई दिल्ली के श्री संजय कुमार ने प्रदर्शनी के सफल आयोजन पर बधाई देते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति (NEP) बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा मातृभाषा में देने पर बल देती है, क्योंकि मस्तिष्क का प्रारंभिक विकास मातृभाषा में ही सबसे प्रभावी होता है।

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उन्होंने कहा—

  • अंग्रेजी को केवल एक विषय के रूप में पढ़ाया जाए,
  • अधिक भाषाएँ सीखने पर बल दिया जाए,
  • और यह सुनिश्चित किया जाए कि जो बच्चा पहली कक्षा में प्रवेश ले, वह कम से कम कक्षा 12 तक पढ़ाई जरूर करे।

उन्होंने स्कूलों में आनंदपूर्ण शिक्षा वातावरण की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

कार्यक्रम में कई वरिष्ठ विशेषज्ञ उपस्थित

समारोह में एनसीईआरटी के निदेशक श्री दिनेश प्रसाद सकलानी, राष्ट्रीय नवप्रर्वतन प्रतिष्ठान गांधी नगर के निदेशक डॉ. अरविंद सी. रानाडे, एनसीईआरटी की प्रो. सुनीता फरक्या, सचिव स्कूल शिक्षा श्री संजय गोयल, संचालक राज्य शिक्षा केंद्र श्री हरजिंदर सिंह सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

इस प्रदर्शनी ने न केवल बच्चों की वैज्ञानिक प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच दिया, बल्कि मध्यप्रदेश को भविष्य के वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाओं का भी मार्ग प्रशस्त किया।

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