उज्जैन : गुरूवार, नवम्बर 14 2025,
उज्जैन में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी: सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और हाइड्रोजन ऊर्जा भविष्य के ऊर्जा स्रोत
उज्जैन में सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी संस्थान में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में पद्मश्री प्रो. जी. डी. यादव ने कहा कि सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और हाइड्रोजन ऊर्जा भविष्य में पृथ्वी के ब्रह्मा, विष्णु और महेश के रूप में सामने आएंगे।
प्रो. यादव ने जलवायु परिवर्तन पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत हर साल लगभग 100 MMTA कृषि अनुपयोगी पदार्थ जलाता है, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कार्बन आधारित ईंधन और उनके हानिकारक प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया।
समारोह में विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर अर्पण भारद्वाज ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी उज्जैन से उठी वैज्ञानिकों की आवाज है जो विश्व भर में अपनी आवाज को विशेष रूप से रसायन वैज्ञानिकों को नई दिशा देने का महत्वपूर्ण कार्य करेगी।
इस अवसर पर विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा ने कहा कि उज्जैन की गौरवशाली इतिहास को उल्लेखित करते हुए उपस्थित बुद्धिजीवी वर्ग को आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महती भूमिका निभाने का आह्वान किया।

