संभागायुक्त श्री सिंह, रेलवे एडीआरएम श्री कुमार, एडीजी श्री गुप्ता, कलेक्टर श्री सिंह, डीआईजी श्री भसीन, एसपी श्री शर्मा सहित रेलवे और प्रशासन के विभागीय अधिकारियों ने एक साथ निरीक्षण किया
उज्जैन : गुरूवार, अप्रैल 23, 2026

उज्जैन, 23 अप्रैल। विश्व स्तरीय अलौकिक सिंहस्थ 2028 के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विकास कार्यों की तैयारियां तेज गति से चल रही है। वहीं रेलवे प्रशासन ने भी सिंहस्थ को लेकर तैयारी शुरू करते हुए पांच स्थानों पर क्राउड मैनेजमेंट के लिए होल्डिंग एरिया और रेलवे स्टेशन बनाने का कार्य शुरू किया है। गुरुवार को रेलवे विभाग के अधिकारियों के साथ प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने विशेष सैलून से पिंगलेश्वर, पंवासा, मोहनपुरा, नईखेड़ी और श्री चिंतामन गणेश रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त श्री आशीष सिंह, रेलवे रतलाम मंडल के एडीआरएम अक्षय कुमार, एडीजी श्री राकेश गुप्ता, कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह, डीआईजी श्री नवनीत भसीन, एसपी श्री प्रदीप शर्मा और विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी श्री गोपाल डाड मौजूद रहे। सिंहस्थ 2028 के दौरान स्नान के लिए विश्वभर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण के लिए छह स्थानों पर सैटेलाइट स्टेशन और होल्डिंग एरिया पर कार्य प्रारंभ कर दिया है। गुरुवार को जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के दल ने संभागायुक्त सह सिंहस्थ मेला अधिकारी श्री आशीष सिंह के साथ निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रेलवे के एडीआरएम श्री अक्षय कुमार ने बताया कि रेलवे विभाग द्वारा प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ के अनुभव का लाभ लेते हुए सिंहस्थ 2028 उज्जैन के लिए कार्य योजना बना चुका है। अभी हमारी प्रारंभिक कार्य योजना में उज्जैन के आसपास के सभी रेलवे स्टेशनों पर होल्डिंग एरिया बनाए जाएंगे।जिसके तहत पिंगलेश्वर स्टेशन पर सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं के आगमन पर भीड़ नियंत्रण के लिए स्टेशन क्षेत्र का विस्तार करने व होल्डिंग एरिया के लिए कार्ययोजना की बनाई गई है। इसी तरह नईखेड़ी रेलवे स्टेशन का विस्तार कर चार प्लेटफार्म तैयार किए जाने के साथ ही पंवासा में नया प्लेटफार्म बनाने, मोहनपुरा में सैटेलाइट स्टेशन, श्री चिंतामण गणेश, पिंगलेश्वर स्टेशन और विक्रमनगर रेलवे स्टेशनों का विस्तार और उन्नयन किया जा रहा है। सभी स्टेशनों पर यात्रियों के आने पर उन्हें ट्रेन से निकलने और स्टेशन से बाहर जाने और यात्रियों को ट्रेन पर चढ़ने के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं सुनिश्चित हो। इसके साथ ही सभी रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं के लिए नए अप्रोच रोड, फुट ओवर ब्रिज बनाए जा रहे है। नए प्लेटफार्म भी बनाए जा रहे हैं। नईखेड़ी से चिंतामण रेलवे स्टेशन के बीच एक नई बायपास रेलवे लाइन डालने का प्रस्ताव भी स्वीकृत हो चुका है, जमीन मिलते ही इस पर कार्य शुरू हो जाएगा। संभागायुक्त श्री आशीष सिंह ने विभाग के अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्टेशनों पर प्रस्तावित पहुंच मार्ग, होल्डिंग एरिया के आसपास आवागमन की सुविधा भी बनाई जाए।निरीक्षण के दौरान रेलवे विभाग की ओर से सीनियर कॉर्डिनेशन रेलवे श्री पीयूष पांडे, डिवीजन इंजीनियर श्री महेंद्र सिंह जाटव, सीनियर डीसीएम हीना केवलरमानी सहित रेलवे और जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।क्राउड मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान सिंहस्थ 2028 महापर्व के दौरान आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखकर स्थानीय प्रशासन और रेलवे प्रशासन द्वारा समन्वय के साथ कार्य किया जा रहा है। सिंहस्थ के दौरान पर्व स्नान के अलावा प्रमुख स्नान के समय श्रद्धालुओं की भीड़ का दबाव ट्रेन मार्ग से भी रहेगा। भीड़ नियंत्रण के लिए रेलवे प्रशासन द्वारा उज्जैन रेलवे के अलावा अन्य स्टेशनों पर ट्रेन का स्टापेज किया जाएगा। इन स्टेशनों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के इंतजाम के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाकर कार्य किया जा रहा है। उज्जैन रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक आठ के बाहर टिकट काउंटर बनाने के साथ ही यात्रियों के आने-जाने के मार्ग निर्धारित करने के साथ ही होल्डिंग एरिया बनाया जाएगा।उज्जैन के पास स्टेशनों पर होल्डिंग एरिया बनाए जाएंगे। इसके साथ ही ट्रेनों के आवागमन के लिए भी समय निर्धारित रहेगा। भोपाल से उज्जैन के लिए 30 मिनट में ट्रेन उपलब्ध रहेगी। उज्जैन में ट्रेन को 20 मिनिट का हाल्ट देने का भी प्रस्ताव है। अत्यधिक भीड़ दबाव होने पर स्थानीय प्रशासन के साथ रेल्वे प्रबन्धन तात्कालिक कार्य योजना भी बनाएगा। सिंहस्थ के आयोजन के समय में मालगाड़ी का आवागमन इस क्षेत्र में बंद रखेगें।