मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना के अंतर्गत दिव्यांशी का हुआ सफल ऑपरेशन
उज्जैन : गुरूवार, अप्रैल 2, 2026

उज्जैन,02 अप्रैल। जिले की तराना तहसील के ग्राम बरोदिया में खेती-मजदूरी करने वाले राहुल धाकड़ और नेहा धाकड़ की तीन वर्षीय बेटी दिव्यांशी जन्म से कुछ बोल नहीं पाती थी। माता-पिता चिंतित रहते थे। कई डॉक्टरों के पास इलाज करवाने के बावजूद समस्या बनी रही।एक दिन राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आर.बी.एस.के.) की टीम गांव में स्क्रीनिंग कर रही थी। टीम ने बताया कि दिव्यांशी सुन नहीं पाती, इसलिए बोल भी नहीं पा रही है। उन्होंने जिला चिकित्सालय, उज्जैन के डी.ई.आई.सी. केंद्र में जांच करवाने की सलाह दी।वहाँ विशेषज्ञ डॉक्टरों ने पुष्टि की कि यह जन्मजात श्रवण दोष है। उन्होंने सुझाव दिया कि कोक्लियर इम्प्लांट का ऑपरेशन करवाया जाए।मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना के तहत दिव्यांशी को इंदौर के अरबिंदो मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। वहाँ 6 लाख 50 हजार रुपये की लागत से सफल ऑपरेशन किया गया, जिसका पूरा खर्च मध्यप्रदेश शासन ने वहन किया। ऑपरेशन के बाद दिव्यांशी अब सुन और बोल सकेगी। नियमित फॉलो-अप और स्विच थेरेपी चल रही है।माता-पिता अब अपनी बेटी के भविष्य को लेकर आश्वस्त हैं। वे माननीय मुख्यमंत्री महोदय और मध्यप्रदेश शासन के प्रति हृदय से धन्यवाद व्यक्त करते हैं कि इस योजना ने उनकी बेटी को जन्मजात विकृति से मुक्ति दिलाई। दिव्यांशी अब एक नई ज़िंदगी की ओर बढ़ रही है – जहाँ उसकी आवाज़ भी दुनिया तक पहुँचेगी।