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20 Apr 2026, Mon

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की श्री महाकाल वन की परिकल्पना में आध्यात्मिक पर्यावरण की संकल्पना के साथ मां क्षिप्रा हरियाली से होगी आच्छादित और मां क्षिप्रा की आरती को प्रदान की जाएगी वैभवता

नगरीय प्रशासन आयुक्‍त श्री भोंडवे की अध्‍यक्षता और सिंहस्‍थ मेला अधिकारी श्री‍ सिंह की उपस्थिति‍ में ग्रीन सिंहस्‍थ 2028 को मूर्त रूप देने के लिए बैठक आयोजित की गई

उज्जैन : शनिवार, मार्च 14, 2026 ज्जैन,14 मार्च।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की श्री महाकाल वन की परिकल्पना में आध्यात्मिक पर्यावरण की संकल्पना के साथ मां क्षिप्रा को हरियाली से आच्छादित कर, मां क्षिप्रा की आरती को वैभव प्रदान करने का कार्य किया जा रहा है, जिसका दृश्य “सिंहस्थ -2028” में दिखाई देगा। इसके लिए वृहद स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई है। मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरुप पर्यावरण संरक्षण को समाहित कर भारतीय संस्‍कृति के अनुरुप सिंहस्‍थ 2028 ग्रीन सिंहस्‍थ के रूप में आयोजित किया जाएगा। इसी तारतम्‍य में नगरीय प्रशासन आयुक्‍त श्री संकेत भोंडवे की अध्‍यक्षता और सिंहस्‍थ मेला अधिकारी श्री आशीष सिंह व कलेक्‍टर श्री रौशन कुमार सिंह की उपस्थिति में शनिवार सुबह सिंहस्‍थ मेला कार्यालय में ग्रीन सिंहस्‍थ को मूर्त रूप देने के लिए बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्रीन सिंहस्‍थ को मूर्त रूप देने के लिए बनाई गई कार्ययोजना पर चर्चा कर आवश्‍यक दिशा निर्देश नगर निगम, स्‍मार्ट सिटी, वन विभाग, उद्यानिकी विभाग और अन्‍य संबंधित विभागों को दिए गए।          बैठक में नगरीय प्रशासन आयुक्‍त श्री भोंडवे ने मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार शिप्रा रिवर फ्रंट डेवलपमेंट और मां शिप्रा की आरती को वैभव प्रदान करने की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। सिंहस्‍थ 2028 को ग्रीन सिंहस्‍थ बनाने के लिए वृहद स्‍तर पर पौधारोपण किया जाना प्रस्‍तावित है। उक्‍त कार्य को मूर्त देने के लिए मदर नर्सरी विकसित करने, सिंहस्‍थ 2028 दृष्‍टिगत निर्माणाधीन मार्गों और जिले के अन्‍य मार्गों के किनारे और डिवाईडरों पर गुलमोहर, पलाश, टिकोमा, अमलताश, कचनार, आम, अमरूद, बेलपत्र, नीम, पीपल, इमली, शीशम, जामुन आदि किस्‍मों के फूल, फल और छाया वाले पौधों को श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगाने के निर्देश दिए। पौधारोपण के लिए निर्धारित मापदंडों अनुसार गड्डे खोदना, क्‍लोजर ऐरिया विकसित करना, पौधारोपण कर जियो टेगिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। रोपे गए पौधों के समुचित विकास के लिए नगर निगम को गीले कचरे का उपयोग कर वर्मीकंपोस्‍ट बनाने की क्षमता का विकास करने और जलकुंभी से खाद बनाने आदि के निर्देश भी दिए।      बैठक में श्री भोंडवे ने सड़क कि‍नारे रोपे जाने वाले पौधों और नगर में स्थित उद्यानों को सामाजिक संस्‍थाओं को गोद देने के निर्देश दिए, जिससे पौधारोपण की प्रक्रिया में नागरिक भी भागीदार बनकर पौधों के व्‍यवस्थित रूप से विकास और रखरखाव में सहभागी बने। बैठक में पुराने उद्यानों का कायाकल्‍प करने और पौधारोपण के लिए वन विभाग, नगर निगम, जिला पंचायत, स्‍मार्ट सिटी, उद्यानिकी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों और सामाजिक संस्‍थाओं के दल गठित करने के निर्देश दिए।उज्‍जैन शहरी वनीकरण परियोजना अंतर्गत नगर निगम सीमा में 10 लाख पौधों का रोपण किया जाएगाबैठक में संभागायुक्‍त सह सिंहस्‍थ मेला अधिकारी श्री सिंह ने जानकारी दी कि सिंहस्‍थ 2028 और अन्‍य मुख्‍य पर्वों पर आने वाले श्रद्धालुओं के सुव्‍यवस्थित ट्रेफिक मुवमेंट के लिए सर्वे कर जिले के पहुंच मार्गों पर आवश्‍यक कार्य किए जा रहे है। बैठक में प्रमुख मार्गों पर ई.वी. चार्जिंग स्‍टेशन डेवलप करने की जानकारी भी दी गई। बैठक में कलेक्‍टर श्री सिंह ने पौधारोपण की कार्ययोजना अनुसार भूमि की पहचान, भूमि की तैयारी, एनजीओ के चयन, पौधों की रोपण आदि प्रक्रिया की जानकारी दी। बैठक में जानकारी दी गई कि नगर निगम द्वारा उज्‍जैन शहरी वनीकरण परियोजना अंतर्गत नगर निगम सीमा में 10 लाख पौधों का रोपण किया जाएगा। पौधें विक्रम विश्‍वविद्यालय, एम.आर.5, मेघदूत पार्किंग के पीछे, चकोर पार्क, शक्ति पथ रोड, पीलिया खाल नाले के दोनों तरफ, शहर के 400 से अधिक उद्यानों में, शहर के विभिन्‍न मार्गों के सड़क किनारे एवं मीडियन पर, संस्‍थानिक भूमि और अन्‍य सरकारी कार्यालयों के परिसर में लगाए जाएंगे। बैठक में यूडीए, स्‍मार्ट सिटी और नगर निगम द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा कर कार्यों को गुणवत्‍ता के साथ समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए।बैठक में नगर निगम आयुक्‍त श्री अभिलाष मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री श्रेयांस कूमट, यूडीए सीईओ श्री संदीप सोनी, स्‍मार्ट सिटी सीईओ श्री संदीप शिवा और अन्‍य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहें।

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