उज्जैन।
कचनारिया गांव के सरपंच ऋतुराज सिंह झाला (42) की मौत ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। जिस तालाब के गहरीकरण का सपना वे लंबे समय से देखते थे, उसी तालाब की गहराई ने सोमवार शाम उनकी जिंदगी छीन ली। मंगलवार दोपहर, गांव के सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में उन्हें अंतिम विदाई दी गई। उनके निधन की खबर से गांव में मातम पसरा हुआ है।
पोस्टमार्टम के बाद गांव में उमड़ा जनसैलाब
मंगलवार सुबह से ही परिजन और ग्रामीण जिला अस्पताल के पोस्टमार्टम कक्ष के बाहर जमा रहे। करीब 10 बजे पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया। दोपहर में कचनारिया में अंतिम संस्कार हुआ।
दर्दनाक हादसा: 40 फीट गहरे तालाब में समा गई SUV
यह हादसा सोमवार शाम 5 बजे हुआ। नरवर से तीन किलोमीटर दूर, गांव के पास स्थित 40 फीट गहरे तालाब में उनकी एसयूवी अचानक गिर गई। हादसा इतना तेज था कि ग्रामीणों की आंखों के सामने गाड़ी गहरे पानी में समा गई। कुछ लोगों ने इस भयावह दृश्य का वीडियो भी बना लिया।
ग्रामीण तैराकों ने तत्काल तालाब में कूदकर उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन पानी की गहराई के कारण सब असफल रहे।
5 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन, रात 11 बजे मिली कार और शव
घटना की जानकारी मिलते ही नरवर पुलिस और SDERF की 8 सदस्यीय टीम मौके पर पहुंची।
शाम 6.30 बजे शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन अंधेरे और गहराई के कारण बेहद चुनौतीपूर्ण रहा।
नरवर टीआई बल्लू मंडलोई ने बताया कि अंधेरा होने से तलाशी में काफी कठिनाई आई। गोताखोर पंकज मालवीय ने तीन घंटे पानी के भीतर रहकर वाहन की लोकेशन खोजी।
क्रेन की मदद से रात 11 बजे एसयूवी को बाहर निकाला गया, जिसमें सरपंच का शव मिला।
होमगार्ड कमांडेंट संतोष जाट ने बताया कि प्लाटून कमांडर पुष्पेंद्र त्यागी के नेतृत्व में ऑपरेशन लगातार तीन घंटे से ज्यादा चला।
कैसे हुआ हादसा? भाई ने बताया घटनाक्रम
सरपंच के छोटे भाई गजराज सिंह झाला के अनुसार, सोमवार को गांव में एक शोक समारोह था।
शाम को ऋतुराज सिंह स्कॉर्पियो से नरवर से वापस लौट रहे थे। गांव के पास मोड़ पर सामने से कई कारें आने लगीं, तो उन्होंने गाड़ी को पीछे लिया।
इसी दौरान गाड़ी अनियंत्रित हुई और सीधे तालाब में जा गिरी।
50 फीट गहरा तालाब, पहले भी हुआ गहरीकरण
ग्रामीणों ने बताया कि यह तालाब वर्ष 2000 में बनाया गया था। तीन-चार वर्ष पहले भी इसका गहरीकरण हुआ था। वर्तमान गहराई 50 फीट है, जिसमें से 40 फीट तक पानी भरा है।
वाहन दुर्घटनाओं के चिंताजनक आंकड़े
उज्जैन रेंज में वाहन दुर्घटनाओं ने पुलिस प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
डीआईजी नवनीत भसीन की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए:
जनवरी–अक्टूबर (2025) तक जिला-वार दुर्घटनाएं और मौतें
- उज्जैन: 1688 दुर्घटनाएं, 373 मौतें
हर 100 दुर्घटना में 22 लोगों की मौत - देवास: 1059 दुर्घटनाएं, 299 मौतें
हर 100 दुर्घटना में 28 मौतें - शाजापुर: 366 दुर्घटनाएं, 127 मौतें
हर 100 में 34 मौतें - आगर-मालवा: 219 दुर्घटनाएं, 104 मौतें
हर 100 दुर्घटना में 47 मौतें, यानी उज्जैन से दोगुना से अधिक
यह आंकड़े बताते हैं कि सड़क सुरक्षा और वाहन संचालन को लेकर क्षेत्र में गंभीर कदम उठाए जाने की जरूरत है।

