भोपाल। 26/09/2026 विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं और किताबों तक सीमित विषय नहीं है। विज्ञान का असली उद्देश्य समाज के सामने आने वाली समस्याओं का समाधान करना और आम लोगों के जीवन को बेहतर बनाना है। भोपाल विज्ञान मेला 2026 के समापन समारोह में लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने विद्यार्थियों से इसी सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को नवाचार केवल पुरस्कार या प्रमाण-पत्र हासिल करने के लिए नहीं करना चाहिए। उनके प्रयोग और मॉडल ऐसे होने चाहिए, जो वर्तमान समय की चुनौतियों का व्यावहारिक समाधान दे सकें। इसी जिज्ञासा और वैज्ञानिक सोच से भविष्य के डॉक्टर, वैज्ञानिक और राष्ट्र निर्माता तैयार होंगे।
READMORE -; हर जिले के किसानों से संवाद कर रहे मुख्यमंत्री
भोपाल विज्ञान मेला में विद्यार्थियों के नवाचारों की सराहना
विद्यार्थियों से मंत्री की अपील
लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह शनिवार को ज्ञान-विज्ञान भवन, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल में आयोजित भोपाल विज्ञान मेला के समापन समारोह में संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने विज्ञान भारती और बरकतउल्ला विश्वविद्यालय को विद्यार्थियों की वैज्ञानिक प्रतिभा को मंच देने के लिए बधाई दी। मंत्री ने कहा कि मेले में विद्यार्थियों ने जो मॉडल तैयार किए हैं, वे केवल प्रदर्शन या पुरस्कार तक सीमित नहीं हैं। इनमें समाज की वर्तमान समस्याओं के समाधान और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने की क्षमता दिखाई देती है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को यदि सही मंच और मार्गदर्शन मिले तो उनके छोटे-छोटे प्रयोग आगे चलकर बड़े उपयोगी नवाचारों का रूप ले सकते हैं।
विज्ञान और नवाचार का उद्देश्य समस्याओं का समाधान
मंत्री श्री सिंह ने कहा कि किसी भी वैज्ञानिक खोज या नवाचार की वास्तविक सफलता तभी है, जब उसका लाभ समाज को मिले। विद्यार्थियों को अपने आसपास मौजूद समस्याओं को समझना चाहिए और फिर उनके समाधान के लिए प्रयोग करने चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे सवाल पूछने से न डरें। जिज्ञासा, प्रयोग और समस्या-समाधान की सोच ही वैज्ञानिक दृष्टिकोण को मजबूत बनाती है।
भारतीय ज्ञान परंपरा में विज्ञान की मजबूत नींव
भोपाल विज्ञान मेला 2026 में भारतीय ज्ञान परंपरा और विज्ञान के संबंध का भी उल्लेख किया गया। मंत्री श्री राकेश सिंह ने कहा कि भारत में ज्ञान और विज्ञान की परंपरा सदियों पुरानी है।
उन्होंने शून्य की खोज, गणित, खगोल विज्ञान, मौसम और अन्य क्षेत्रों में भारतीय मनीषियों के योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने महाकवि कालिदास के ‘मेघदूत’ का उदाहरण देते हुए कहा कि इसमें मानसून की गति, प्रकृति और ऋतु परिवर्तन का सूक्ष्म वर्णन मिलता है।
यह उदाहरण भारतीय चिंतन की व्यापकता और प्रकृति को समझने की वैज्ञानिक दृष्टि को सामने रखता है।
लोक निर्माण विभाग में भी तकनीक और नवाचार पर जोर
मंत्री श्री सिंह ने लोक निर्माण विभाग में किए जा रहे तकनीकी नवाचारों की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि निर्माण परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए उनकी समय-सीमा वैज्ञानिक आधार पर निर्धारित करने की आवश्यकता महसूस हुई।
इसी दिशा में विभागीय अभियंताओं और भास्कराचार्य संस्थान के सहयोग से परियोजनाओं की समय-सीमा के वैज्ञानिक निर्धारण के लिए देश में अपनी तरह का पहला मॉड्यूल तैयार किया गया है।
मंत्री के अनुसार यह मॉड्यूल जिज्ञासा, तकनीक और समस्या-समाधान आधारित सोच का परिणाम है। इससे यह संदेश भी मिलता है कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण का उपयोग केवल शिक्षा और शोध तक सीमित नहीं, बल्कि सरकारी कामकाज और विकास परियोजनाओं में भी किया जा सकता है।
विद्यार्थियों से बोले मंत्री- जिज्ञासा को हमेशा जीवित रखें
समापन समारोह में मंत्री श्री राकेश सिंह ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने भीतर जिज्ञासा को हमेशा जीवित रखें। लगातार प्रश्न पूछें, प्रयोग करें और अपने आसपास मौजूद समस्याओं के समाधान तलाशें।
उन्होंने कहा कि जब कोई नवाचार किसी वास्तविक सामाजिक समस्या का समाधान करता है, तभी वह देश और मानवता के लिए वास्तविक योगदान बनता है।
भोपाल विज्ञान मेला इसी सोच को आगे बढ़ाने वाला मंच बनकर सामने आया, जहां विद्यार्थियों को अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा और नवाचार प्रदर्शित करने का अवसर मिला।
समारोह में ये प्रमुख लोग रहे मौजूद
समापन समारोह में मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक एवं आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. अनिल कोठारी, विज्ञान भारती मध्यभारत प्रांत के अध्यक्ष डॉ. धीरेंद्र कुमार स्वामी, डॉ. पवन मिश्रा सहित विद्यार्थी, अभिभावक, शिक्षाविद् तथा विश्वविद्यालय के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
विषय-सूची
- भोपाल विज्ञान मेला 2026 में विद्यार्थियों के नवाचार
- विज्ञान और नवाचार का उद्देश्य
- भारतीय ज्ञान परंपरा में विज्ञान
- लोक निर्माण विभाग में तकनीकी नवाचार
- विद्यार्थियों से मंत्री की अपील
- समारोह में कौन-कौन रहा मौजूद
