सिंहस्थ मेला अधिकारी श्री सिंह ने सिहंस्थ के प्रचलित कार्यो की समीक्षा बैठक लेकर निर्माणाधीन कार्यो में तेजी लाने के निर्देश दिए
उज्जैन : गुरूवार, फरवरी 5, 2026 उज्जैन, 5 फरवरी। सिहंस्थ मेला कार्यालय के सभागृह में गुरूवार को सिहंस्थ मेला अधिकारी श्री आशीष सिंह ने सिंहस्थ 2028 के लिए किए जा रहे अधोसंरचना विकास के कार्यों की समीक्षा की। बैठक में श्री सिंह ने सिहंस्थ कार्यो को करने वाली सभी एजेंसियों को कार्य के दौरान सुरक्षा के उपाय किए जाने और निर्माणाधीन कार्य की गति बढ़ाने और समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए है। बैठक में अपर आयुक्त उज्जैन संभाग श्री रत्नाकर झा, कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह भी उपस्थित रहे।बैठक में सिंहस्थ मेला अधिकारी श्री सिंह ने विभागवार कार्यो की समीक्षा की। बैठक में सेतु विभाग द्वारा प्रचलित विभिन्न ब्रिज निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी दी गई। बैठक में पीएचई की पाईप लाइन शिफ्टिंग का कार्य तेजी से करने के निर्देश दिए। सिंहस्थ मेला अधिकारी श्री सिंह ने पीएचई विभाग के अधिकारियों को मौके पर जाकर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। सिंहस्थ मेला अधिकारी ने निर्माण कार्य करने वाली सभी एजेंसियों द्वारा निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा के पूरे उपाय करने के निर्देश दिए। सेतु विभाग के माध्यम से किए जा रहे फ्रीगंज आरओबी, वाकणकर ब्रिज, श्री मंगलनाथ मंदिर से कमेड, कर्कराज से भूखीमाता, केडी गेट से दुर्गादास की छत्री, छोटा पुल, पीपलीनाका से भैरवगढ़ मार्ग, श्री कालभैरव से सिद्धवट, श्री कालभैरव से गढ़कालिका, लालपुर के ब्रिज निर्माण कार्य समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से करने के निर्देश भी दिए। बैठक में एमपीआरडीसी द्वारा सिहंस्थ बायपास, इंगोरिया से देपालपुर और उज्जैन से मक्सी मार्ग की प्रगति की जानकारी दी गई। कलेक्टर श्री सिंह ने सभी कार्यों के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को गति बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि छत्रीचौक पर पीएचसी का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। सिंहस्थ मेला अधिकारी श्री सिंह ने कहा कि सिंहस्थ के अंतर्गत निर्माणाधीन कार्यों को समय सीमा में पूर्ण करने करें। निर्माण के दौरान कोई इश्यू हो तो संबंधित विभागों के अधिकारियों से समन्वय कर कार्य जारी रखे।बैठक में देवास जिला पंचायत सीईओ श्रीमती ज्योति शर्मा, उज्जैन जिला पंचायत सीईओ श्री श्रेयांस कूमट और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
