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समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन 2026-27: 1.81 लाख से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन, 7 मार्च अंतिम तिथि

भोपाल, 20 फरवरी 2026।
रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूँ उपार्जन की प्रक्रिया तेज हो गई है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने जानकारी दी कि अब तक 1 लाख 81 हजार 793 किसानों ने गेहूँ उपार्जन के लिए अपना पंजीयन करा लिया है। पंजीयन की अंतिम तिथि 7 मार्च 2026 निर्धारित की गई है।

मंत्री श्री राजपूत ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपना पंजीयन अवश्य करा लें, ताकि समर्थन मूल्य का लाभ सुनिश्चित हो सके।


🌾 MSP में वृद्धि: किसानों को सीधा लाभ

केंद्र सरकार द्वारा रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2585 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये प्रति क्विंटल अधिक है। MSP में यह वृद्धि किसानों की आय बढ़ाने और लागत की भरपाई सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ी हुई MSP से प्रदेश के लाखों गेहूँ उत्पादक किसानों को आर्थिक संबल मिलेगा और बाजार में मूल्य स्थिरता भी बनी रहेगी।


📊 संभागवार पंजीयन की स्थिति

अब तक विभिन्न संभागों में पंजीयन की स्थिति इस प्रकार है—

  • इंदौर संभाग – 27,175 किसान
  • उज्जैन संभाग – 73,398 किसान
  • भोपाल संभाग – 41,268 किसान
  • जबलपुर संभाग – 12,342 किसान
  • नर्मदापुरम संभाग – 11,698 किसान
  • सागर संभाग – 7,137 किसान
  • ग्वालियर संभाग – 3,358 किसान
  • रीवा संभाग – 3,242 किसान
  • चम्बल संभाग – 1,449 किसान
  • शहडोल संभाग – 726 किसान

उज्जैन संभाग में सर्वाधिक पंजीयन होना इस बात का संकेत है कि क्षेत्र में गेहूँ उत्पादन व्यापक स्तर पर होता है और किसान सरकारी खरीद प्रणाली पर भरोसा जता रहे हैं।


🏢 पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था

किसानों की सुविधा के लिए पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था निम्न स्थानों पर की गई है—

  • ग्राम पंचायत एवं जनपद पंचायत कार्यालयों में स्थापित सुविधा केंद्र
  • तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केंद्र
  • सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित केंद्र

प्रदेशभर में कुल 3186 पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं, ताकि किसानों को दूर-दराज जाने की आवश्यकता न पड़े।


💻 सशुल्क पंजीयन की सुविधा

जो किसान ऑनलाइन माध्यम से पंजीयन कराना चाहते हैं, उनके लिए सशुल्क व्यवस्था निम्न स्थानों पर उपलब्ध है—

  • एम.पी. ऑनलाइन कियोस्क
  • कॉमन सर्विस सेंटर (CSC)
  • लोक सेवा केंद्र
  • निजी साइबर कैफे

सरकार का उद्देश्य है कि तकनीकी साधनों के माध्यम से पंजीयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाया जाए।


📲 किसानों को SMS से सूचना

मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि जिन किसानों के मोबाइल नंबर पूर्व रबी एवं खरीफ पंजीयन में उपलब्ध हैं, उन्हें SMS के माध्यम से सूचना भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अतिरिक्त—

  • ग्राम पंचायतों में डोंडी पिटवाकर सूचना दी जा रही है।
  • सूचना पटल पर पंजीयन तिथि प्रदर्शित की जा रही है।
  • समिति एवं मंडी स्तर पर बैनर लगवाए जा रहे हैं।

इस व्यापक प्रचार-प्रसार का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र किसान समर्थन मूल्य से वंचित न रह जाए।


📌 क्यों जरूरी है समय पर पंजीयन?

समर्थन मूल्य पर गेहूँ बेचने के लिए पंजीयन अनिवार्य है। पंजीयन न कराने की स्थिति में किसान सरकारी खरीद केंद्रों पर अपनी उपज नहीं बेच पाएंगे। इसलिए कृषि विशेषज्ञ किसानों को सलाह दे रहे हैं कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते प्रक्रिया पूरी कर लें।


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