
श्री उमा कन्या महाविद्यालय, हाटपिपलिया में तीन दिवसीय ‘उज्जैन की प्राचीन और शैक्षणिक विरासत’ ज्ञान यात्रा का समापन हुआ। इस यात्रा का उद्देश्य विद्यार्थियों को उज्जैन की समृद्ध सांस्कृतिक और शैक्षणिक विरासत से परिचित कराना था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. राकेश ढंड ने कहा कि उज्जैन की ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत हमें गौरवान्वित करती है। हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहना चाहिए और अपनी विरासत को सहेजकर रखना चाहिए।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि पुरातत्वविद् डॉ. रमण सोलंकी ने कहा कि उज्जैन का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व बहुत अधिक है। उन्होंने विद्यार्थियों को उज्जैन की प्राचीन और शैक्षणिक विरासत के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अक्षय कुमार आचार्य ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता मिलती है और वे अपनी जड़ों से जुड़ पाते हैं।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता दिखाई।

