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20 Oct 2026, Tue

आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज एड्स कार्यक्रम: 5 अहम अपडेट

उज्जैन: आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज में एड्स कार्यक्रम की समीक्षा, HIV जांच और उपचार पर जोर

उज्जैन।आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज एड्स कार्यक्रम शहर के आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज में एचआईवी-एड्स कार्यक्रम की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में एचआईवी संक्रमण की समय पर पहचान करने, संक्रमित मरीजों को नियमित उपचार से जोड़ने और जन-जागरूकता अभियान को प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग ने निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज में एड्स कार्यक्रम की समीक्षा बैठक

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विक्रम रघुवंशी के निर्देशानुसार 14 अक्टूबर 2026 को आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज स्थित एआरटी सेंटर में एड्स कार्यक्रम की मासिक समीक्षा बैठक हुई। इसमें एचआईवी संक्रमण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए संचालित गतिविधियों और निर्धारित लक्ष्यों की प्रगति की समीक्षा की गई

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बैठक में संबंधित अधिकारियों, मिशन एड्स सुरक्षा (एमएएस) के कर्मचारियों और गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) के प्रतिनिधियों को कार्यक्रम के कार्यों में तेजी लाने तथा तय समय-सीमा में लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए गए।

एचआईवी जागरूकता अभियान में लक्ष्य से अधिक उपलब्धि

एड्स कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. अरुण कुशवाह ने बताया कि एचआईवी कार्यक्रम के तहत 12 अगस्त से 12 अक्टूबर 2026 तक सघन जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान के माध्यम से स्कूलों, कॉलेजों, आंगनवाड़ी केंद्रों और ग्राम स्तरीय बैठकों में लोगों को एचआईवी-एड्स के बारे में जानकारी दी गई।

उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले शत-प्रतिशत से अधिक उपलब्धि प्राप्त की गई। जागरूकता गतिविधियों का उद्देश्य लोगों तक एचआईवी संक्रमण से संबंधित सही जानकारी पहुंचाना और समय पर जांच एवं उपचार के प्रति जागरूक करना रहा।

एचआईवी संक्रमण की पहचान के लिए हाई रिस्क क्षेत्रों में जांच

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बैठक में एचआईवी कार्यक्रम के 95:95:95 लक्ष्यों को निर्धारित समय-सीमा में प्राप्त करने पर जोर दिया गया। डॉ. अरुण कुशवाह ने निर्देश दिए कि पहले लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हाई रिस्क क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया जाए, ताकि एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों की पहचान समय पर हो सके।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, संक्रमण की पहचान के लिए जांच अभियान को प्रभावी बनाना महत्वपूर्ण है। समय पर जांच से संक्रमित व्यक्ति को आगे की आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं और उपचार तक पहुंचाने में मदद मिलती है।

एचआईवी संक्रमित मरीजों को एआरटी सेंटर से जोड़ने के निर्देश

बैठक में यह भी कहा गया कि जिन एचआईवी संक्रमित मरीजों की पहचान हो चुकी है, उन्हें नियमित उपचार और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एआरटी सेंटर से जोड़ा जाए। इससे कार्यक्रम के दूसरे लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।

इसके साथ ही जागरूकता गतिविधियों, जांच अभियान और उपचार सेवाओं के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर जोर दिया गया, ताकि जरूरतमंद मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।

क्या है एचआईवी कार्यक्रम का 95:95:95 लक्ष्य?

एचआईवी कार्यक्रम का 95:95:95 लक्ष्य संक्रमण की पहचान, उपचार और स्वास्थ्य परिणामों को बेहतर बनाने से संबंधित है। इसके तहत तीन प्रमुख उद्देश्यों पर काम किया जाता है:

  • पहला लक्ष्य: एचआईवी से संक्रमित 95 प्रतिशत लोगों को अपनी संक्रमण स्थिति की जानकारी हो।
  • दूसरा लक्ष्य: एचआईवी संक्रमण की जानकारी रखने वाले 95 प्रतिशत लोगों को एंटीरेट्रोवायरल उपचार (ART) मिले।
  • तीसरा लक्ष्य: एआरटी उपचार प्राप्त करने वाले 95 प्रतिशत लोगों में वायरल लोड नियंत्रित रहे।

इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए समय पर जांच, नियमित उपचार, दवाओं की निरंतर उपलब्धता और जागरूकता गतिविधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

जागरूकता और नियमित उपचार पर रहेगा जोर

आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज में हुई समीक्षा बैठक में एचआईवी संक्रमण की पहचान, मरीजों को उपचार से जोड़ने और जन-जागरूकता अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर विशेष ध्यान दिया गया। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप एचआईवी जांच और उपचार सेवाओं को मजबूत करना है।

खबर का सार: उज्जैन में एड्स कार्यक्रम की समीक्षा बैठक के दौरान हाई रिस्क क्षेत्रों में एचआईवी जांच बढ़ाने, संक्रमित मरीजों को एआरटी सेंटर से जोड़ने और 95:95:95 लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।

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