उज्जैन में स्वास्थ्य संस्थाओं का औचक निरीक्षण कर नियमित टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं और निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विक्रम रघुवंशी और महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी ब्रजेश त्रिपाठी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र घट्टिया, नजरपुर स्थित आंगनवाड़ी केंद्र और उपस्वास्थ्य केंद्र ढाबलारहवारी का संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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उज्जैन में स्वास्थ्य संस्थाओं का औचक निरीक्षण, टीकाकरण पर जोर
निरीक्षण का उद्देश्य नियमित टीकाकरण सेवाओं की बेहतर व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करना था। अधिकारियों ने टीकाकरण सत्रों के आयोजन और उपलब्ध संसाधनों का जायजा लिया।
उन्होंने निर्देश दिए कि U-WIN पोर्टल पर उपलब्ध ड्यू लिस्ट के अनुसार सभी पात्र बच्चों और गर्भवती महिलाओं का निर्धारित समय पर टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। टीकाकरण से संबंधित जानकारी पोर्टल पर समय से दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए।
गर्भवती महिलाओं का पंजीयन और हाई रिस्क मामलों की निगरानी
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं का एएनसी (ANC) पंजीयन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान कर उनका उचित प्रबंधन और नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए।
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स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के बीच रिपोर्ट तथा आंकड़ों में एकरूपता बनाए रखने को कहा गया। दोनों विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने और पोषण ट्रैकर से संबंधित जानकारी की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए।
कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने के निर्देश
अधिकारियों ने क्षेत्र के कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने को कहा। निर्देश दिए गए कि सभी पात्र कुपोषित बच्चों को आवश्यकतानुसार पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराकर उचित उपचार उपलब्ध कराया जाए।
बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार के लिए नियमित फॉलोअप और आवश्यक निगरानी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
घट्टिया में निर्माणाधीन स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घट्टिया के निर्माणाधीन भवन का भी जायजा लिया गया। अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने निर्माण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा, ताकि भवन का कार्य समय पर और निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप पूरा हो सके।
संस्थागत प्रसव और डिलीवरी पॉइंट की व्यवस्थाओं की समीक्षा
स्वास्थ्य केंद्र के डिलीवरी पॉइंट पर भर्ती प्रसूताओं से चर्चा कर उन्हें उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली गई।
अधिकारियों ने शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने और प्रसव से संबंधित जानकारी को पोर्टल पर समय पर अपडेट करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव की सुविधा उपलब्ध कराना और स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी को प्रभावी बनाना है।
दवाओं की उपलब्धता और सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का निराकरण
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्वास्थ्य संस्थाओं में सभी आवश्यक दवाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों का त्वरित निराकरण करने और गर्भवती महिलाओं तथा बच्चों से संबंधित स्वास्थ्य अभिलेखों को अद्यतन रखने को कहा गया।
स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की कमी सामने आने पर समय पर सुधारात्मक कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया।
नवजात शिशुओं के आधार कार्ड बनाने की व्यवस्था
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घट्टिया स्थित आधार केंद्र का निरीक्षण कर अधिकारियों ने नवजात शिशुओं के आधार पंजीयन की व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने पांच दिन के नवजात शिशुओं के आधार कार्ड बनाए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि पात्र बच्चों का पंजीयन समय पर हो सके।
निरीक्षण में ये अधिकारी और कर्मचारी रहे उपस्थित
संयुक्त निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विक्रम रघुवंशी, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी ब्रजेश त्रिपाठी, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनुज शल्या सहित संबंधित परियोजना अधिकारी, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और आंगनवाड़ी सहायिकाएं उपस्थित रहीं।
इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य नियमित टीकाकरण की निगरानी, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और स्वास्थ्य संस्थाओं में जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना रहा।
