खरीफ सोयाबीन पंजीयन 2026-27 में तकनीकी परेशानी से किसान और CSC संचालक परेशान, खाद्य एवं कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
उज्जैन 10/10/26 मध्य प्रदेश। प्रदेश सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए सोयाबीन भावांतर योजना के अंतर्गत किसानों के पंजीयन की अवधि 3 अक्टूबर से 17 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित की है।
योजना का लाभ लेने के लिए किसान पंजीयन केंद्रों पर पहुंच रहे हैं, लेकिन पंजीयन केंद्रों को उपलब्ध कराए गए पासवर्ड से पोर्टल नहीं खुलने की समस्या ने पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ किसान अपनी खेती-किसानी छोड़कर पंजीयन के लिए भटक रहे हैं, तो दूसरी तरफ CSC संचालक तकनीकी समस्या दूर होने का इंतजार कर रहे हैं।
यह समाचार भी पड़े -; शारदीय नवरात्रि से दशहरा और करवा चौथ तक पूरी सूची
सोयाबीन पंजीयन 2026-27 में पासवर्ड बना परेशानी की वजह
सरकार की योजना का उद्देश्य किसानों को सोयाबीन के उचित मूल्य से जुड़ी राहत उपलब्ध कराना है। इसके लिए किसानों का समय पर पंजीयन होना जरूरी है। पंजीयन की जिम्मेदारी निभाने वाले CSC केंद्र संचालकों का कहना है कि संबंधित विभागों की ओर से यूजर आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराए गए हैं, लेकिन उनसे पंजीयन केंद्र का पोर्टल नहीं खुल पा रहा है।
ऐसे में सवाल उठता है कि जब पंजीयन की तारीखें पहले से तय थीं, तो केंद्रों की लॉगिन व्यवस्था की जांच पहले क्यों नहीं की गई? किसानों के लिए महत्वपूर्ण योजना में ऐसी तकनीकी बाधा आखिर कब दूर होगी?
खेत छोड़कर पंजीयन केंद्रों के चक्कर लगा रहे किसान
किसानों के लिए इन दिनों खेतों में काम करने का महत्वपूर्ण समय है। सोयाबीन की फसल और आगामी कृषि कार्यों के बीच किसान पंजीयन कराने के लिए केंद्रों तक पहुंच रहे हैं। लेकिन जब पंजीयन ही नहीं हो पा रहा, तो उनकी परेशानी बढ़ना स्वाभाविक है।
किसान इस चिंता में हैं कि पंजीयन की अंतिम तारीख नजदीक आ गई और यदि समय रहते उनका पंजीयन नहीं हुआ, तो वे भावांतर योजना का लाभ लेने से वंचित हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में उन्हें अपनी उपज कम भाव पर बेचने की मजबूरी का सामना करना पड़ सकता है।
CSC संचालक परेशान, जिम्मेदार विभागों से समाधान की उम्मीद
पंजीयन केंद्र संचालकों के सामने भी मुश्किल स्थिति है। किसान उनसे पंजीयन कराने की उम्मीद लेकर पहुंच रहे हैं, लेकिन पासवर्ड से पोर्टल नहीं खुलने के कारण वे चाहकर भी प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे हैं।
CSC से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से पासवर्ड संबंधी समस्या ठीक कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से पंजीयन कार्य प्रभावित होने की शिकायत सामने आ रही है। अब सवाल यह है कि जब तकनीकी समस्या की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जा रही है, तो उसका स्थायी समाधान करने में देरी क्यों हो रही है?
फोन लगाने पर भी नहीं मिल रहा जवाब, आखिर सुनवाई कब होगी?
इस समस्या को लेकर जब हमारे संवाददाता ने संबंधित विभाग से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, तो फोन नहीं उठाया गया। ऐसे में समस्या के समाधान और पंजीयन केंद्रों को हो रही परेशानी पर विभाग का आधिकारिक पक्ष नहीं मिल सका।
किसानों और CSC संचालकों की परेशानी को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को इस मामले में तत्काल संज्ञान लेने की जरूरत है। हालांकि, विभाग की ओर से समस्या के कारण या समाधान की समयसीमा की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
17 अक्टूबर अंतिम तारीख, अब कितने दिन बचेंगे?
खरीफ सोयाबीन पंजीयन 2026-27 की घोषित अवधि 3 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक है। ऐसे में समय पर तकनीकी समस्या दूर नहीं हुई, तो पंजीयन के लिए उपलब्ध समय कम पड़ सकता है। इससे किसानों पर अनावश्यक दबाव बढ़ने और पंजीयन केंद्रों पर भीड़ बढ़ने की आशंका है।
सरकार की योजना का लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए केवल घोषणा करना पर्याप्त नहीं है। पंजीयन पोर्टल का सुचारु संचालन, सही लॉगिन व्यवस्था और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराना भी उतना ही जरूरी है।
प्राकृतिक आपदा किसान की सबसे बड़ी चुनौती
किसानों की मांग—पासवर्ड की समस्या तत्काल दूर हो, पंजीयन का अवसर मिले
किसानों और पंजीयन केंद्र संचालकों की प्रमुख मांग है कि संबंधित विभाग पासवर्ड और पोर्टल की समस्या का तत्काल समाधान करें। यदि तकनीकी कारणों से पंजीयन प्रभावित हो रहा है, तो किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्था की जाए, ताकि कोई भी पात्र किसान केवल तकनीकी परेशानी के कारण योजना के लाभ से वंचित न रह जाए।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब किसान अपनी फसल के उचित मूल्य की उम्मीद में पंजीयन कराने पहुंच रहे हैं, तो तकनीकी व्यवस्था की जिम्मेदारी कौन निभाएगा? किसानों का समय, मेहनत और उनकी उपज का मूल्य दांव पर है। अब जरूरत आश्वासन की नहीं, बल्कि तत्काल समाधान और जवाबदेही की है।