7 सितंबर को दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक चलेगा लाइव प्रसारण, मध्यप्रदेश के सभी आकाशवाणी केंद्रों से होगा प्रसारित
उज्जैन, 6 सितंबर। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर की भव्य और दिव्य बाबा महाकाल की राजसी सवारी इस बार रेडियो प्रसारण के माध्यम से देश-दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं तक एक विशेष और ऐतिहासिक अंदाज में पहुंचेगी। धार्मिक, सांस्कृतिक और प्रसारण जगत के इतिहास में एक अनूठी पहल के तहत आकाशवाणी उज्जैन द्वारा 7 सितंबर 2026, सोमवार को दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक लगातार 8 घंटे बाबा महाकाल की राजसी सवारी का विशेष सजीव प्रसारण किया जाएगा।
इस विशेष प्रसारण को मध्यप्रदेश के सभी आकाशवाणी केंद्रों से एक साथ प्रसारित किए जाने की जानकारी दी गई है। इसके माध्यम से वे श्रद्धालु भी बाबा महाकाल की राजसी सवारी का अनुभव कर सकेंगे, जो किसी कारणवश उज्जैन पहुंचकर प्रत्यक्ष रूप से सवारी में शामिल नहीं हो पाएंगे।
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रेडियो प्रसारण के इतिहास में अनूठी पहल
आकाशवाणी उज्जैन के कार्यक्रम अधिकारी ब्रह्मप्रकाश चतुर्वेदी के अनुसार, रेडियो प्रसारण के इतिहास में गैर-खेल गतिविधियों के क्षेत्र में इतनी लंबी अवधि तक लगातार सजीव प्रसारण की यह एक अनूठी पहल है।
करीब 8 घंटे तक चलने वाले इस विशेष लाइव प्रसारण में बाबा महाकाल की राजसी सवारी के संपूर्ण मार्ग, प्रमुख पड़ावों और धार्मिक गतिविधियों का आंखों देखा हाल श्रोताओं तक पहुंचाया जाएगा।
प्रसारण के दौरान श्रोताओं को सवारी से जुड़ी विभिन्न धार्मिक परंपराओं, अनुष्ठानों और उज्जैन की आध्यात्मिक विरासत की जानकारी भी दी जाएगी। इसके साथ ही सवारी मार्ग पर उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह को रेडियो के माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
सवारी के प्रत्येक महत्वपूर्ण क्षण का होगा सजीव वर्णन
आकाशवाणी उज्जैन की कार्यक्रम प्रमुख अनामिका चक्रवर्ती ने बताया कि इस विशेष कवरेज के लिए अनुभवी उद्घोषकों और कमेंटेटरों की टीम तैयार की गई है।
यह टीम बाबा महाकाल की राजसी सवारी से जुड़े प्रत्येक महत्वपूर्ण क्षण का सजीव, भावपूर्ण और विस्तृत वर्णन करेगी। सवारी के निकलने से लेकर उसके विभिन्न पड़ावों, धार्मिक अनुष्ठानों और श्रद्धालुओं की भागीदारी तक, पूरे आयोजन की जानकारी श्रोताओं तक लगातार पहुंचाई जाएगी।
रेडियो के माध्यम से होने वाला यह प्रसारण उन श्रद्धालुओं के लिए विशेष अनुभव साबित हो सकता है, जो दूर-दराज के क्षेत्रों या विदेशों में रहते हैं और स्वयं उज्जैन पहुंचकर राजसी सवारी में शामिल नहीं हो सकते।
वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के लिए नामांकित
इस विशेष सजीव प्रसारण को एक नई उपलब्धि के रूप में दर्ज कराने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। आकाशवाणी उज्जैन की ओर से इस विशेष कवरेज को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स एवं लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज कराने के लिए नामांकित किए जाने की जानकारी दी गई है।
यदि यह प्रयास रिकॉर्ड के रूप में दर्ज होता है तो धार्मिक आयोजनों के रेडियो प्रसारण के क्षेत्र में उज्जैन और आकाशवाणी के लिए यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी।
घर बैठे मिलेगा बाबा महाकाल की राजसी सवारी का दिव्य अनुभव
इस विशेष प्रसारण का प्रमुख उद्देश्य उज्जैन की समृद्ध आध्यात्मिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को देश और विदेश के लाखों श्रोताओं तक पहुंचाना है।
बाबा महाकाल की राजसी सवारी विश्व प्रसिद्ध धार्मिक आयोजनों में शामिल है और इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। ऐसे में जो श्रद्धालु भीड़, दूरी या अन्य कारणों से सवारी में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं हो सकेंगे, वे रेडियो प्रसारण के माध्यम से घर बैठे सवारी की दिव्यता और भक्ति का अनुभव कर सकेंगे।
आकाशवाणी की इस पहल से महाकाल की राजसी सवारी केवल उज्जैन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि रेडियो और डिजिटल माध्यमों के जरिए व्यापक स्तर पर श्रद्धालुओं तक पहुंचेगी।
महाकाल की सवारियों में हुए नवाचारों की भी मिलेगी जानकारी
इस विशेष प्रसारण में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की परिकल्पना के अनुरूप महाकाल की सवारियों में किए गए विभिन्न नवाचारों की झलक भी श्रोताओं तक पहुंचाई जाएगी।
इसके साथ ही आगामी सिंहस्थ की तैयारियों और उज्जैन की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को भी इस विशेष प्रसारण के दौरान शामिल किए जाने की बात कही गई है।
महाकाल की राजसी सवारी का यह विस्तृत लाइव प्रसारण उज्जैन की धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर को आधुनिक प्रसारण माध्यमों के जरिए नई पीढ़ी और वैश्विक श्रोताओं तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
FM 102.5 और News on AIR ऐप पर सुन सकेंगे लाइव प्रसारण
श्रद्धालु बाबा महाकाल की राजसी सवारी का विशेष सजीव प्रसारण FM 102.5 मेगाहर्ट्ज पर सुन सकेंगे।
इसके अलावा श्रोता News on AIR मोबाइल ऐप के माध्यम से भी इस लाइव प्रसारण से जुड़ सकेंगे। मोबाइल उपयोगकर्ता Google पर “Akashvani Ujjain Live” सर्च करके भी सजीव प्रसारण तक पहुंच सकते हैं।
7 सितंबर को दोपहर 2 बजे से शुरू होकर रात 10 बजे तक चलने वाला यह 8 घंटे का विशेष प्रसारण बाबा महाकाल के भक्तों के लिए एक अलग और अविस्मरणीय अनुभव लेकर आएगा।
बाबा महाकाल की राजसी सवारी को जन-जन तक पहुंचाने की पहल
आकाशवाणी उज्जैन की यह पहल धार्मिक प्रसारण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। लगातार 8 घंटे तक चलने वाले इस लाइव प्रसारण के माध्यम से बाबा महाकाल की राजसी सवारी के धार्मिक वैभव, श्रद्धालुओं की आस्था और उज्जैन की सांस्कृतिक पहचान को व्यापक स्तर पर पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
महाकाल भक्त अब 7 सितंबर को रेडियो और डिजिटल माध्यमों के जरिए बाबा महाकाल की राजसी सवारी के हर महत्वपूर्ण पड़ाव और आयोजन से लगातार जुड़े रह सकेंगे।
