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4 Sep 2026, Fri

पंचायतों में अंत्येष्टि राशि में गड़बड़ी के आरोप, पात्र हितग्राहियों को नहीं मिले ₹5 हजार

अंत्येष्टि सहायता राशि को लेकर शिकायत

ग्राम पंचायतों में अंत्येष्टि सहायता राशि को लेकर गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं।

कई माह पहले हुई मौतों के बाद भी राशि का इंतजार, जांच में कुछ हितग्राहियों के खातों से राशि निकलने की बात सामने आई

उज्जैन। Date 30 Aug 2026 Report ( Raghuvir Ingh Panwar ) ग्राम पंचायतों में पात्र हितग्राहियों को मिलने वाली अंत्येष्टि सहायता राशि में गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं। योजना के तहत पात्र व्यक्ति की मृत्यु पर गरीब परिवार को तत्काल राहत के लिए ₹5 हजार की राशि दी जाती है, ताकि अंतिम संस्कार में आर्थिक परेशानी न हो।

हमारे संवाददाता ने कई ग्राम पंचायतों में योजना को लेकर ग्रामीणों से बातचीत की। इस दौरान कुछ लोगों ने बताया कि उनके परिवार के पात्र सदस्य की मृत्यु को 5-6 माह बीत चुके हैं, लेकिन उन्हें अब तक राशि नहीं मिली।

अंत्येष्टि सहायता राशि नहीं मिलने से पात्र परिवार परेशान

ग्रामीणों के अनुसार राशि मांगने पर कई बार पंचायत स्तर से यह कहकर जवाब दिया जाता है कि ऊपर से मंजूरी आने के बाद राशि दी जाएगी।” जबकि ग्रामीणों का कहना है कि योजना का उद्देश्य मृत्यु के बाद परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।

पंचायत के बैंक खातों से राशि निकालने का आरोप

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मामले की पड़ताल के दौरान कुछ ऐसे प्रकरण भी सामने आने का दावा किया गया, जिनमें पड़ताल के दौरान यह जानकारी सामने आई कि कुछ पात्र मृत हितग्राहियों के नाम स्वीकृत अंत्येष्टि सहायता राशि पंचायत के बैंक खातों से सचिव और सरपंच द्वारा निकाले जाने तथा संबंधित बिल पोर्टल पर लगाए जाने की बात सामने आई। हालांकि, संबंधित हितग्राहियों के परिजनों का कहना है कि उन्हें यह राशि प्राप्त नहीं हुई।

यदि जांच में यह आरोप सही पाए जाते हैं तो मामला गंभीर है, क्योंकि जिस राशि का उद्देश्य गरीब परिवार को अंतिम संस्कार के समय तत्काल सहायता देना है, उसका हितग्राही तक नहीं पहुंचना पंचायत व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

अंत्येष्टि सहायता राशि को लेकर जांच की मांग

ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच कर पात्र परिवारों को राशि दिलाने तथा जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। पंचायतों में विकास कार्यों के साथ-साथ हितग्राहीमूलक योजनाओं की राशि के वितरण में भी पारदर्शिता सुनिश्चित करना जरूरी है।

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