
उज्जैन, 15 जून। सोमवती अमावस्या पर्व के अवसर पर रामघाट एवं आसपास के घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और बचाव व्यवस्था के लिए होमगार्ड एवं एसडीआरएफ के जवान लगातार दूसरे दिन भी तीनों शिफ्टों में मुस्तैदी से ड्यूटी कर रहे हैं। जवानों की सतर्क निगरानी और प्रभावी व्यवस्थाओं के चलते स्नान शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ तथा किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई।गत दिवस रामघाट पर ड्यूटी के दौरान फरीदाबाद (हरियाणा) निवासी 28 वर्षीय श्रद्धालु निधि सिंह स्नान करते समय चौकी के सामने पैर फिसलने से गहरे पानी में चली गईं। मौके पर तैनात होमगार्ड जवान पंकज मंडलोई ने तत्परता और साहस का परिचय देते हुए तत्काल नदी में छलांग लगाई तथा उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय पर किए गए इस सराहनीय बचाव कार्य से एक संभावित दुर्घटना टल गई।इसी दौरान नागपुर से आए एक श्रद्धालु का बालक भीड़ में अपने परिजनों से बिछड़ गया। ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड जवानों ने सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए बालक को सुरक्षित खोज निकाला तथा उसे उसके परिजनों से मिलवाया। अपने बच्चे को सकुशल पाकर परिजनों ने जवानों का आभार व्यक्त किया।वहीं, भूखी माता घाट पर ग्राम ओसरा, तहसील देपालपुर, जिला इंदौर निवासी सुरेंद्र पिता राजेंद्र स्नान के दौरान गहरे पानी में चले गए, जिससे उनके डूबने की स्थिति बन गई। घाट पर तैनात होमगार्ड जवान भगवानदास पंथी ने तत्काल सतर्कता दिखाते हुए उनकी ओर लाइफ बॉय फेंका। श्रद्धालु द्वारा लाइफ बॉय पकड़ लेने के बाद उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। जवान की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी दुर्घटना टल गई और श्रद्धालु का जीवन सुरक्षित बचाया जा सका।सोमवती अमावस्या पर्व पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए होमगार्ड एवं एसडीआरएफ के जवान पूरी मुस्तैदी के साथ ड्यूटी कर रहे हैं तथा घाटों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जवानों की सतर्कता, साहस और त्वरित निर्णय क्षमता के कारण पर्व के दौरान कई संभावित दुर्घटनाओं को टाला जा सका।