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21 Jun 2026, Sun

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशानुरूप हरियाखेड़ी जल आवर्धन परियोजना शहर और सिंहस्थ-2028 के लिए बन रही हैं

उज्जैन, । सिंहस्थ महापर्व-2028 को दृष्टिगत रखते हुए पेयजल की आवश्यकता की पूर्ति के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर हरियाखेड़ी जल आवर्धन परियोजना को मूर्त रूप दिया जा रहा है। नगर निगम के माध्यम से 1133.67 करोड़ रुपए की लागत से हरियाखेड़ी परियोजना का कार्य प्रगतिरत है। शुक्रवार को अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे ने संभागायुक्त श्री आशीष सिंह, कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह, निगम आयुक्त श्री अभिलाष मिश्रा तथा तकनीकी अधिकारियों के साथ परियोजना स्थल का निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान अपर मुख्य सचिव श्री दुबे ने हरियाखेड़ी जल आवर्धन परियोजना की वर्तमान प्रगति का निरीक्षण कर कार्य प्रगति की जानकारी ली। एसीएस श्री दुबे ने विश्वास जताया कि निर्धारित 24 माह की समय-सीमा में परियोजना पूर्ण हो जाएगी, जिससे सिंहस्थ -2028 में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं एवं शहरवासियों को बेहतर पेयजल सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। निरीक्षण के दौरान जानकारी दी गई कि परियोजना के तहत सेलारखेड़ी, गंभीर, उंडासा एवं साहेबखेड़ी जल स्रोतों का उपयोग किया जाएगा। इसके माध्यम से शहर की बढ़ती आबादी और भविष्य की जल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही पुरानी पाइपलाइन बदलकर जल क्षति को कम करने और हर घर तक पर्याप्त जलापूर्ति पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। हरियाखेड़ी परियोजना अंतर्गत 100 एमएलडी क्षमता के जल शोधन संयंत्र का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अंतर्गत इंटेकवेल, वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट, क्लैरिफ्लोक्युलेटर, फिल्टर हाउस एवं पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा है। परियोजना के कार्यों की निगरानी के लिए पीएचई विभाग के सहायक यंत्री श्री शिवम दुबे द्वारा विकसित ‘अमृत रेखा’ पोर्टल का भी एसीएस श्री संजय दुबे ने अवलोकन किया। पोर्टल के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में बिछाई गई पाइपलाइन की प्रगति और कार्यों की स्थिति रियल टाइम में देखी जा सकती है।सीवर परियोजना का भी किया निरीक्षणअपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे ने अमृत 2.0 योजना अंतर्गत पार्श्वनाथ कॉलोनी में चल रहे सीवर लाइन विस्तार कार्य का निरीक्षण किया। यहाँ 200 मिमी व्यास की पाइपलाइन बिछाने का कार्य प्रगति पर है। अधिकारियों ने उन्हें कार्य की स्थिति और निर्धारित समय-सीमा की जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान कार्यपालन यंत्री श्री वैभव भावसार, कंसल्टेंट एजेंसी के प्रतिनिधि, तकनीकी अधिकारी एवं संबंधित ठेकेदार उपस्थित रहे।

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